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अवैध मदरसे, अनियमितताओं का ढेर और अब बिजली कनेक्शन में भी खेल!

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गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद के खोड़ा में सील किए गए मदरसों की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले मानकों और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठे, फिर प्रशासनिक कार्रवाई हुई और अब जांच में बिजली कनेक्शन को लेकर भी बड़ी अनियमितता सामने आई है।

विद्युत निगम की जांच में पता चला है कि दोनों मदरसों को नियमों के अनुरूप शैक्षणिक संस्थान (एलएमवी-4) की श्रेणी में बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया था। हैरानी की बात यह है कि एक मदरसा घरेलू श्रेणी (एलएमवी-1) के कनेक्शन पर चल रहा था, जबकि दूसरे को कमर्शियल श्रेणी (एलएमवी-2) का कनेक्शन मिला हुआ था। यानी जिस संस्थान को शैक्षणिक श्रेणी में होना चाहिए था, वह किसी और ही श्रेणी के सहारे संचालित होता रहा और वर्षों तक किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी।

जांच में खुला नया अध्याय

खोड़ा के मदरसा रहमानिया का संचालन वर्ष 2018 से और मदरसा मेंहदी हसन का संचालन वर्ष 2024 से हो रहा है। लेकिन इतने लंबे समय तक बिजली कनेक्शन की श्रेणी को लेकर कोई सवाल नहीं उठा। अब जब मदरसों पर कार्रवाई हुई और जांच शुरू हुई तो बिजली कनेक्शन का मामला भी सामने आ गया।

विद्युत निगम के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों के लिए एलएमवी-4 श्रेणी निर्धारित है, जिसमें प्रति किलोवाट अधिक शुल्क देय होता है। जबकि इन मदरसों में कम शुल्क वाली श्रेणियों के कनेक्शन चल रहे थे।

अब लगेगा जुर्माना

जांच के बाद मदरसा रहमानिया पर करीब 60 हजार रुपये और मदरसा मेंहदी पर करीब 72 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जुर्माना जमा होने और प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

सवाल केवल मदरसों पर नहीं, इस पूरे मामले में सवाल केवल मदरसों पर नहीं उठ रहे, बल्कि उन अधिकारियों पर भी उठ रहे हैं जिन्होंने कनेक्शन जारी किए।  आखिर शैक्षणिक संस्थान को घरेलू और कमर्शियल श्रेणी में कनेक्शन कैसे मिल गया?  और अगर गलती हुई थी तो वर्षों तक निरीक्षण में यह पकड़ में क्यों नहीं आई? अब विद्युत निगम भी उन अधिकारियों से जवाब मांगने की तैयारी में है, जिनकी निगरानी में ये कनेक्शन जारी हुए थे। खोड़ा के इन मदरसों की कहानी फिलहाल यही संकेत दे रही है कि जांच जितनी आगे बढ़ रही है, अनियमितताओं की सूची उतनी ही लंबी होती जा रही है।