लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त सफर देने की दिशा में लगातार कार्य
कर रही है। इसी उद्देश्य से योगी सरकार ने रोडवेज के बेड़े में 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का निर्णय किया है। इससे न
केवल यात्रा अधिक आरामदायक होगी,
बल्कि पर्यावरण
संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकार 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगी। इनमें 100 बसें 12 मीटर लंबी और 50 सीटों वाली होंगी, जबकि 150 बसें 12 मीटर लंबी और 42 सीटों वाली होंगी। इन बसों की खरीद पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी, जबकि 25.50 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने संसाधनों से खर्च करेगा। सरकार ने बसों की खरीद में उत्तर प्रदेश के निर्माताओं को प्राथमिकता देने का भी निर्णय किया है, ताकि प्रदेश के उद्योगों को भी बढ़ावा मिल सके।
जानकारी देते हुए, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों के अनुरूप है। आयोग के अनुसार 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। नई बसों के चलने से अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज और अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश रोडवेज के बेड़े में 13 हजार से अधिक डीजल और सीएनजी बसें हैं। वहीं, प्रदेश में 743 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हो रही हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से शहरों में किया जाता है। हाल ही में लखनऊ और नोएडा में भी 45 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना, प्रदूषण कम करना, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना और भविष्य की पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के लिए परिवहन व्यवस्था को तैयार करना है।



