नई दिल्ली
विश्व हिन्दू परिषद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत संभल हिंसा संबंधी न्यायिक आयोग की रिपोर्ट का स्वागत किया और इसे सत्य की विजय कहा है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन जी ने कहा कि यह रिपोर्ट उन देशद्रोही शक्तियों के चेहरे से नकाब उतारती है जो भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था को नष्ट करने पर तुली हुई हैं।
उन्होंने कहा कि आयोग ने स्पष्ट रूप से स्थापित किया है कि शाही जामा
मस्जिद के न्यायालय- आदेशित सर्वेक्षण को रोकने के लिए हुई हिंसा कोई आकस्मिक घटना
नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित, पूर्व-नियोजित षड्यंत्र थी। समाजवादी
पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, स्थानीय विधायक
इकबाल महमूद के पुत्र सुहेल इकबाल, जामा मस्जिद
इंतेजामिया कमेटी के सदस्यों सहित सहयोगियों ने झूठी अफवाहें फैलाकर, भीड़
को उकसाकर और हिंसा भड़काकर कानून व्यवस्था को चुनौती दी। पथराव, आगजनी, गोलीबारी
और पुलिस पर हमले में चार लोगों की जान गई तथा 28 पुलिसकर्मी
घायल हुए। रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मृतकों को लगी गोलियां पुलिस की नहीं थीं
– यह इन षड्यंत्रकारियों की हिंसा का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि यह घटना अकेली नहीं है। यह उन शक्तियों की मानसिकता को उजागर करती है जो न्यायालय के आदेशों का अपमान करने, हिन्दू समाज को आतंकित करने और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़तीं।
उन्होंने कहा कि संभल जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन और बार-बार दोहराई जा रही हिंसा इन तत्वों की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। यदि कभी ऐसी देश-विघातक शक्तियाँ सत्ता में आ गईं तो क्या होगा, जरा सोचिए…
* न्यायालय के आदेशों को खुलेआम चुनौती दी जाएगी।
* पुलिस और प्रशासन को कमजोर करके कानून व्यवस्था को ध्वस्त किया जाएगा
* देश की एकता और अखंडता को बार-बार ध्वस्त करने का प्रयास किया जाएगा ।
* सांप्रदायिक हिंसा को राजनीतिक हथियार बनाकर देश को अस्थिर करने की कोशिशें तेज होंगी।
विश्व हिन्दू परिषद ने मांग की कि
-रिपोर्ट में नामित सभी षड्यंत्रकारियों और उनको संरक्षण देने वाले
राजनेताओं के विरुद्ध त्वरित, कठोर और निर्णायक कानूनी कार्रवाई की
जाए।
-इन देशद्रोही तत्वों को ऐसी सजा दी जाए जो भविष्य में किसी को भी ऐसा
दुस्साहस करने से रोके।
-संभल सहित प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में हिन्दू समाज की सुरक्षा, धार्मिक
स्थलों की रक्षा और कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
-पुलिस और प्रशासन के उन अधिकारियों की सराहना की जाए, जिन्होंने
इस षड्यंत्र को और बड़े रूप में फैलने से रोका।
-उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इस रिपोर्ट पर अमल करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने में कोई कोताही न बरते। देश की एकता और हिन्दू समाज की सुरक्षा किसी भी समझौते का विषय नहीं हो सकती।



