• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

मुरादाबाद के शिल्पकारों की कला को मिला अंतरराष्ट्रीय पहचान

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर अपनी पीतल कला के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। यहां के कारीगर पारंपरिक डिजाइन को नए अंदाज में प्रस्तुत करते हैं, जिससे उनके उत्पाद देश-विदेश में अतयंत पसंद किए जाते हैं। मुरादाबाद में इन दिनों पीतल की बैलगाड़ी काफी चर्चा में है। यह एक सुंदर डेकोरेटिव आइटम है, जिसे लोग घर और ऑफिस सजाने के लिए खरीद रहे हैं। खास बात यह है कि इसकी सबसे ज्यादा मांग विदेशों, खासकर खाड़ी देशों से आ रही है।

कारीगरों की मेहनत और बारीक नक्काशी इस बैलगाड़ी को खास बनाती है। यह अलग-अलग साइज में तैयार की जाती है, जो लगभग 4 इंच से लेकर 12-14 इंच तक होती है। ग्राहक अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से इसे बनवा सकते हैं। पीतल कारोबारी राघव खन्ना के अनुसार, मुरादाबाद में कई तरह के डेकोरेटिव आइटम बनते हैं, लेकिन इस समय पीतल की बैलगाड़ी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। इसकी सुंदर डिजाइन और पारंपरिक लुक लोगों को आकर्षित कर रहा है।

इसका प्रयोग गिफ्ट के रूप में भी खूब किया जा रहा है। घरों, होटलों और दफ्तरों में इसे सजावट के लिए रखा जाता है और अब यह एक तरह का स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है। कीमत की बात करें तो यह बैलगाड़ी वजन के हिसाब से बेची जाती है। इसका भाव करीब 1550 रुपये प्रति किलो है। हालांकि, डिजाइन, नक्काशी और वजन के अनुसार इसकी कीमत अलग-अलग हो सकती है।