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कलयुग की श्रवण कुमार बहू: सिर पर सास को उठाकर पूरी की 84 कोस परिक्रमा

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मथुरा, उत्तर प्रदेश

आज के समय में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ने की बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं, वहीं कुछ लोग अपने प्रेम, सेवा और समर्पण से समाज के सामने ऐसी प्रेरणा पेश करते हैं जो हर किसी का दिल छू लेती है। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

बता दें, हरियाणा के पलवल जिले के हताना गांव की प्रसिद्ध लोक गायिका काजल चौधरी अपनी 95 वर्षीय सास चन्द्री देवी की वर्षों पुरानी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्हें बड़े टब में बैठाकर सिर पर उठाए हुए ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा करवाई। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण चन्द्री देवी के लिए पैदल परिक्रमा करना संभव नहीं था, लेकिन उनकी इस इच्छा को बहू काजल चौधरी ने अपना संकल्प बना लिया।

जब काजल अपनी सास को लेकर बलदेव पहुंचीं तो वहां मौजूद श्रद्धालु यह दृश्य देखकर भावुक हो गए। लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और उनकी सेवा भावना की जमकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि कलयुग में काजल चौधरी ने श्रवण कुमार जैसी प्रेरणा प्रस्तुत की है। परिक्रमा के दौरान काजल चौधरी अपनी सास के साथ श्री दाऊजी महाराज मंदिर भी पहुंचीं, जहां उन्होंने दर्शन कर सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

आज काजल चौधरी की यह यात्रा पूरे ब्रज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी सेवा, त्याग और समर्पण न केवल परिवार के प्रति प्रेम को दर्शाता है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश देता है कि बुजुर्गों का सम्मान और उनकी इच्छाओं का आदर करना हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।

माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सबसे बड़ा धर्म और सच्ची भक्ति है। प्रेम, सम्मान और समर्पण से निभाए गए रिश्ते ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।