महाराणा प्रताप की कर्मभूमि पर बही भगवा सरिता, भारत माता के जयघोष से गूंजा उदयपुर
- युवाओं के हाथों में लहराते भगवा ध्वज और गूंजते जयघोष माहौल को ओजस्वी बना रहे थे। भारत माता की जय, जय श्री राम, वंदे मातरम् जैसे उद्घोषों ने पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया।
- भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकली भगवा रैली ने समूचे शहर को नववर्ष के स्वागत का संदेश देते हुए एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के सूत्र में बांध दिया।
उदयपुर, । भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वाधान में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की कर्मभूमि उदयपुर की सड़कों पर अद्भुत भगवा सरिता बही। शहर के कोने-कोने से उमड़े युवाओं के जोश और उत्साह ने पूरा वातावरण भगवामय कर दिया।
भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने बताया कि युवा भगवा रैली का शुभारंभ फतह स्कूल से हुआ, जहां बेणेश्वर धाम के पीठाधीश अच्युतानंद महाराज, संत समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुलाब दास महाराज एवं महंत इंद्रदेव दास महाराज ने भगवा पताका फहराकर रैली को रवाना किया।
इससे पहले, युवाओं की टोलियां अपने-अपने क्षेत्रों से छोटी-छोटी रैलियों के रूप में फतह स्कूल पहुंचीं। उदयसागर चौराहा, ढीकली, नाई, उमरड़ा, वरड़ा, देबारी, तितरड़ी, डाकन कोटड़ा, बलीचा, ईसवाल, कविता गांव सहित शहरी क्षेत्र के विभिन्न कोनों से फतह स्कूल की ओर बढ़ी रही छोटी-छोटी रैलियों को देखकर प्रतीत हो रहा था, मानो चारों दिशाओं से भगवा सरिताएं उमड़ पड़ी हों।
युवाओं के हाथों में लहराते भगवा ध्वज और गूंजते जयघोष माहौल को ओजस्वी बना रहे थे। भारत माता की जय, जय श्री राम, वंदे मातरम् जैसे उद्घोषों ने पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया।
भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकली भगवा रैली ने समूचे शहर को नववर्ष के स्वागत का संदेश देते हुए एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के सूत्र में बांध दिया।
शहर के हृदयस्थलों से गुजरी भगवा धारा
रैली ने सूरजपोल, बापू बाजार, देहलीगेट, हाथीपोल, चेतक सर्कल, लोक कला मंडल, मीरा कन्या महाविद्यालय, कोर्ट चौराहा, शास्त्री सर्कल और शक्तिनगर होते हुए टाउन हॉल तक विशाल भगवा प्रवाह की भव्यता को साकार किया। मार्ग के दोनों ओर खड़े नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर युवाओं का स्वागत किया। विभिन्न समाजों, संगठनों, व्यापारिक संगठनों आदि की ओर से रैली का जगह-जगह स्वागत किया गया। जब यह भगवा धारा शहर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी तो संपूर्ण नगर केसरिया आभा से दमक उठा।