नई दिल्ली
विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी ने दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि विश्व मांगल्य सभा पिछले 16 वर्षों से मातृशक्ति के सशक्तिकरण, परिवार एवं सामाजिक जागरण के क्षेत्र में कार्यरत एक राष्ट्रव्यापी संगठन है। संगठन का मूल ध्येय “न मातु : पर देवतम” अर्थात “माँ से बढ़कर कोई दैवत नहीं” है।
उन्होंने बताया कि संगठन के संस्थापक परम पूजनीय श्रीनाथ पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित आचार्य स्वामी श्री जीतेंद्रनाथ जी महाराज हैं, देवनाथ पीठ अंजनगावसुर्जी, जिला अमरावती, महाराष्ट्र है।
वृषाली जोशी ने कहा कि विश्व मांगल्य सभा, महिलाओं के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्य करने वाला स्वतंत्र संगठन है। विश्व मांगल्य सभा मातृशक्ति के बीच कार्य करते हुए समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करती है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संगठन का कार्य देश के 33 प्रांतों में चल रहा है। हाल ही में दिल्ली सहित देश के 23 प्रांतों में महिला अधिवेशन आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 35,000 प्रबुद्ध महिलाओं की सहभागिता रही। इन संवादों के आधार पर संगठन ने आगामी वर्षों के लिए “युगानुकूल मातृत्व (Contemporary Motherhood)” विषय पर विविध उपक्रमों द्वारा कार्य करने का तय किया है।
वृषाली जोशी ने बताया कि इस वर्ष डॉ. मोहन भागवत जी मातृत्व के महत्त्वपूर्ण विषय पर देश की प्रबुद्ध महिलाओं के समक्ष विशेष व्याख्यान देंगे तथा विषय पर चर्चा करेंगे। उनका एक व्याख्यान दिल्ली के प्रतिष्ठित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर और एक व्याख्यान हैदराबाद स्थित सेवालाल बंजारा भवन में होगा। उत्तर भारत की प्रबोधन बैठक 23 एवं 24 जुलाई को विश्व युवक केंद्र, चाणक्यपुरी में आयोजित होगी, जबकि दक्षिण भारत की बैठक हैदराबाद में संपन्न होगी।
दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक में उत्तर भारत के विभिन्न प्रांतों एवं क्षेत्रों से लगभग 280 प्रतिनिधि महिलाएं भाग लेंगी। इनमें जम्मू, बारामूला, अनंतनाग, लेह-लद्दाख, पश्चिम बंगाल के दूरस्थ क्षेत्रों सहित अवध, मालवा, बिहार, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश एवं अन्य राज्यों की मातृशक्ति की सहभागिता रहेगी।
24 जुलाई को अंबेडकर भवन में विशेष कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को पूर्वाह्न में विश्व युवक केंद्र में डॉ. मोहन भागवत जी के साथ कार्यकर्ता बैठक एवं प्रबोधन सत्र रहेगा। इसके पश्चात सायंकाल में अंबेडकर भवन, जनपथ, नई दिल्ली में देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से ऐतिहासिक है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी देश की प्रबुद्ध मातृशक्ति के साथ “मातृत्व विमर्श” विषय पर विस्तृत संवाद करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी रहेगा।
अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से 700 से 800 महिलाओं की उपस्थिति संभावित है, जबकि हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1,300 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।



