बागपत, उत्तर प्रदेश
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान केवल बेटियों की शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का भी संकल्प है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बागपत प्रशासन ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक नई और सराहनीय पहल की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कलेक्ट्रेट में कार्यरत महिला कर्मचारियों को अलार्म सुरक्षा डिवाइस वितरित किए, ताकि आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
बता दें, यह सुरक्षा डिवाइस विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यदि कोई महिला बाहर खुद को असुरक्षित महसूस करती है और आसपास मदद के लिए कोई मौजूद नहीं है, तो वह इस डिवाइस को सक्रिय कर सकती है। डिवाइस सक्रिय होते ही लगभग दो मिनट तक 50 मीटर की दूरी तक तेज अलार्म बजेगा, जिससे आसपास मौजूद लोग तुरंत सतर्क होकर सहायता के लिए पहुंच सकेंगे।
जानकारी देते हुए, जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि फिलहाल यह डिवाइस कलेक्ट्रेट की महिला कर्मचारियों को दिए गए हैं। आने वाले समय में इन्हें स्कूल-कॉलेज की छात्राओं, घर से बाहर काम करने वाली महिलाओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और एएनएम को भी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
इस पहल की शुरुआत जिलाधिकारी ने अपने कलेक्ट्रेट कार्यालय से की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और ऐसे प्रयास महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।
डिवाइस प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों ने इस पहल के लिए
जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे महिला सुरक्षा की दिशा में एक
सकारात्मक और प्रेरणादायी कदम बताया। यह पहल ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और
अधिक प्रभावी बनाने के साथ बागपत में महिलाओं के सुरक्षित और सशक्त भविष्य की दिशा
में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।



