पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड
पिथौरागढ़ के
पांखू क्षेत्र में महिलाओं ने समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक
पहल शुरू की है। लंबे समय से बढ़ती शराब की समस्या को देखते हुए महिला मंगल दल ने
मिलकर जनजागरण और सुधार का रास्ता चुना है।
महिलाओं ने
निर्णय लिया है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचते पाया जाता है, तो उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया
जाएगा। इसका उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि समाज में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना मजबूत करना
है। साथ ही उन्होंने तय किया है कि शादी समारोहों और धार्मिक स्थलों पर शराब का
सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि सामाजिक और
सांस्कृतिक वातावरण शुद्ध बना रहे।
महिलाओं का कहना है कि मजदूरी करने वाले परिवारों पर शराब का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और घरेलू तनाव बढ़ता है। इसलिए यह कदम परिवारों को सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए उठाया गया है। उनका मानना है कि यदि अभी से युवाओं को नशे से दूर रखा जाए, तो भविष्य में समाज मजबूत और जागरूक बनेगा। वही 18 फरवरी को पांखू के पंचायत घर में महिला मंगल दल, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में यह तय किया गया कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति बाहर से शराब लाकर बेचता है, तो पहले उसे समझाया जाएगा और सुधार का अवसर दिया जाएगा।
महिलाओं ने बताया
कि इस संबंध में आबकारी विभाग और पुलिस को भी सूचना दी गई है। उनका उद्देश्य
प्रशासन के साथ मिलकर समाधान निकालना है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुव्यवस्था बनी रहे।



