लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर प्रदेशवासियों के नाम
एक और ‘पाती’ लिखते हुए कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति का
महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि
समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला है, जो करोड़ों
श्रद्धालुओं को शिवभक्ति के सूत्र में जोड़ती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ की भक्ति हर कांवड़िए की पहचान है। पैदल चलते कदम भले अलग-अलग हों, लेकिन सभी का लक्ष्य महादेव का जलाभिषेक ही होता है।”
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद गौण हो जाते हैं। यह यात्रा सनातन संस्कृति के समभाव और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र मजबूत होता है। दिव्यांग शिवभक्तों के समर्पण और आस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उत्साह और श्रद्धा सभी के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है। कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा सहित विशेष प्रबंध किए गए हैं, जबकि सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन और सतत निगरानी की व्यवस्था लागू की गई है।



