अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
राष्ट्रभक्ति, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को नई गति देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जी हां, स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर चलाए जाने वाले 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा दो करोड़ राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जाएंगे। यह पहल न केवल हर घर तक तिरंगा पहुंचाने में सहायक होगी, बल्कि लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए आय और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य
ग्रामीण आजीविका मिशन ने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए 50 हजार
से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं
को तिरंगा निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी
है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और वे राष्ट्र निर्माण के इस अभियान
में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगी।
UPSRLM के निदेशक अरुण कुमार ने सभी जिलाधिकारियों, मुख्य विकास
अधिकारियों तथा जिला मिशन प्रबंधन इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि जिलेवार
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार तिरंगों का निर्माण कराया जाए। साथ ही उत्पादन, गुणवत्ता, आपूर्ति और भुगतान की
नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर
विशेष जोर दिया है। समूहों द्वारा तैयार किए गए राष्ट्रीय ध्वज सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों और
ग्राम पंचायतों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे,
ताकि अभियान के दौरान प्रदेश के
प्रत्येक घर तक राष्ट्रध्वज पहुंच सके।
साथ ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस पहल को राष्ट्रभक्ति और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि यह अभियान महिला सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह अभियान केवल तिरंगा निर्माण का
कार्यक्रम नहीं, बल्कि
महिलाओं की भागीदारी, आत्मनिर्भरता
और देश के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त बनाने का एक प्रेरणादायक प्रयास है।



