हीरानगर, 28 जून। जिला कठुआ के हीरानगर स्थित सांई इंटरनेशनल स्कूल परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जम्मू कश्मीर प्रान्त के संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समारोह आयोजित किया गया। समापन समारोह में उत्तर क्षेत्र प्रचारक जतिन जी मुख्य वक्ता तथा पवित्र समाधि स्थल, सोहांजना, जम्मू से पूज्य श्री गंगाधर शास्त्री जी महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता जतिन जी ने समाज एवं स्वयंसेवकों से अपने जीवन में पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन के अंतर्गत हम सब अपने दैनिक जीवन में सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, नागरिक कर्तव्य पालन एवं स्वदेशी को अपनाएं।
100 वर्षों की संघ यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि पूजनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी, भारतवर्ष की तत्कालीन परिस्थितियों का आकलन करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि हिन्दू समाज का संगठन किए बिना काम नहीं चलेगा। इसलिए उन्होंने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। जतिन जी ने समाज से आह्वान किया कि वह संघ को बाहर से नहीं, संघ के अंदर आ कर संघ को जानें।

उन्होंने कहा कि आज विश्व एक अंधेरी गली से गुजर रहा है, ऐसे में पूरा विश्व आशा भरी दृष्टि से भारत की ओर देख रहा है। सदियों से सम्पूर्ण सृष्टि के लिए भारत का मंत्र रहा है – सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया।
उन्होंने कहा कि नशा और राष्ट्रीय चुनौतियों पर हम सबको मिलकर काम करना है। संत शक्ति, सज्जन शक्ति और संगठन शक्ति, सबको एक साथ मिलकर काम करना है। भारत विश्व में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। पूरे विश्व में तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत है। भारत हर दृष्टि से उन्नति करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस निरंतरता को बनाए रखने के लिए समाज को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।

मुख्य अतिथि पूज्य गंगाधर शास्त्री जी महाराज ने स्वयंसेवकों के राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश और समाज ऐसे निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले संगठनों की वजह से खड़ा है। यही कारण है कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने गठन के 100 वर्ष का सफर भी पूरा किया है। संघ के स्वयंसेवक किसी भी आपात स्थिति में समाज की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, यह सराहनीय है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जम्मू कश्मीर प्रान्त संघचालक डॉ. गौतम मैंगी जी, संघ शिक्षा वर्ग के सर्वाधिकारी कुलदीप कुमार जी भी उपस्थित रहे।