कौशिक आश्रम’ कर्तव्यपूर्ति का केंद्र – भय्याजी जोशी
पुणे। राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य भय्याजी जोशी ने कहा कि एक
निश्चित उम्र के बाद घर के बुजुर्गों की हम जो सेवा करते हैं, वह सेवा नहीं, बल्कि कर्तव्य होता है। ‘कौशिक आश्रम’ भी संघ के वरिष्ठ प्रचारकों की सेवा
करने वाला कर्तव्यपूर्ति का केंद्र है।
पुणे की मित्रमंडल
सोसाइटी स्थित ‘कौशिक
आश्रम’ वास्तु के
पुनर्निर्माण के उपलक्ष्य में आयोजित ‘कृतज्ञता सत्कार समारोह’ में भय्याजी जोशी संबोधित कर रहे थे।
भय्याजी जोशी ने कहा,
‘कौशिक आश्रम’ न तो विश्राम स्थल है और न ही यह कोई
सेवा केंद्र है। आत्मीयता, समाधान
और आनंद का ऐसा वातावरण जिस उम्र में अनुभव करने को मिलना चाहिए, वैसे वरिष्ठ कार्यकर्ता ‘कौशिक आश्रम’ में रहने वाले हैं। उन्हें यहाँ वैसा ही
वातावरण अनुभव करने को मिलेगा।



