नई दिल्ली
भारत के 80वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर केशव कुंज में श्री केशव स्मारक समिति के तत्वाधान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने ध्वजारोहण किया। समारोह के प्रारंभ में राष्ट्र गीत वन्दे मातरम तथा ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के दल ने ध्वज को सलामी दी।
देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को अपना देश सदियों की पराधीनता के बाद स्वतंत्र हुआ। अपनी स्वतंत्रता के पीछे लगभग एक हजार वर्षों का संघर्ष है। इसके लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। आज सबसे पहले उन महापुरुषों एवं महिलाओं को स्मरण करें, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी अथवा जीवन भर कारागारों के पीछे रहे। सिंध के राजा दाहिर, दिल्ली के राजा अनंगपाल, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा, शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, छत्रसाल, दक्षिण भारत की चेन्नमा, विजय नगर साम्राज्य के लोग जो स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए बलिदान हुए। देश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता के लिए यह संघर्ष चला। अंग्रेजों के समय में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद और लंबे समय तक संघर्ष करते रहने वाले देश के प्रत्येक प्रांत के बंधुगण, माताएं एवं बहनें, हम उन सभी का स्मरण करते हैं, जिनके बलिदानों के कारण यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश ने प्रगति की। हमारा देश तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवासियों को शुभकामना देता हूँ कि सारा देश एकजुट होकर आगे बढ़े और विश्व के सामने एक उत्तम आदर्श प्रस्तुत करे।



