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कांवड़ यात्रा 2026: यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन का एक्शन प्लान!

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कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेरठ में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखण्ड और राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में यात्रा को लेकर विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई। डीजीपी के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं।

कांवड़ यात्रा 2026 के प्रमुख नियम

- कांवड़ यात्रा के पूरे रूट पर मीट और शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

- यात्रा मार्ग की निगरानी हेलिकॉप्टर, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।

- शहरी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।

- सड़क की एक लेन केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित होगी, जबकि दूसरी लेन से छोटे वाहन गुजर सकेंगे।

- कांवड़ सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच होगी।

- यात्रा के साथ चलने वाले डीजे की आवाज 75 डेसिबल से अधिक नहीं होगी।

- डीजे की ऊंचाई 12 फीट से ज्यादा नहीं रखी जा सकेगी।

- डाक कांवड़ के दौरान रेस लगाने पर रोक रहेगी।

- सुरक्षा के लिए डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ता, आईबी, खुफिया विभाग और एलआईयू की टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी।

- कांवड़ शिविर तय मानकों के अनुसार ही बनाए जाएंगे।

- पूरे कांवड़ मार्ग पर समय रहते लाइटिंग, पानी निकासी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

- यदि किसी कारण से किसी श्रद्धालु की कांवड़ खंडित होती है, तो उसे तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा।