प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर परिश्रम का संदेश देते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति में साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति, विद्या और पराक्रम जैसे गुण होते हैं, उसकी सहायता ईश्वर भी करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर यह
संस्कृत श्लोक साझा किया:
“उद्यमः साहसं धैर्यं बुद्धिः शक्तिः
पराक्रमः। षडेते यत्र वर्तन्ते तत्र दैवं सहायकृत्॥”
इसका अर्थ है कि जिस व्यक्ति में मेहनत
करने की इच्छा, साहस,
धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम
जैसे छह गुण होते हैं, वहां ईश्वर भी उसकी
सहायता करते हैं।
पीएम मोदी ने पारंपरिक संस्कृत सुभाषित
के रूप में इस श्लोक को साझा किया है। यह श्लोक विभिन्न सुभाषित संग्रहों में भी
मिलता है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि केवल भाग्य के भरोसे बैठने से
सफलता नहीं मिलती। इसके लिए व्यक्ति को अपने अंदर इन छह गुणों को विकसित करना चाहिए।
जब हम मेहनत और लगन से काम करते हैं, तो भाग्य और ईश्वर भी हमारा साथ देते हैं।
यह श्लोक हमें सिखाता है कि बिना मेहनत
के कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। हमें जोखिम उठाने और नई चुनौतियों का
सामना करने से डरना नहीं चाहिए। कठिन समय में भी धैर्य बनाए रखना चाहिए। समस्याओं
को हल करने के लिए सही योजना और समझदारी जरूरी है। इसके साथ ही,
किसी भी काम को पूरा करने के लिए
शारीरिक और मानसिक क्षमता होनी चाहिए। हमें अपनी पूरी ताकत और उत्साह के साथ
बाधाओं का सामना करना चाहिए।
इस श्लोक का संदेश है कि भाग्य और ईश्वर
की कृपा भी उसी व्यक्ति का साथ देती है, जो स्वयं मेहनत और पुरुषार्थ करता है। यदि हम अपने जीवन में इन
छह गुणों को अपनाते हैं, तो सफलता प्राप्त
करने के अवसर बढ़ते हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी हमें अनुकूलता मिलती है।



