अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
देश की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में भारतीय वैज्ञानिक लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं, इसी कड़ी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो रासायनिक और जैविक हथियारों से भारतीय सैनिकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। जी हां, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद शाहिद और उनकी टीम ने एक विशेष केमिकल विकसित किया है, जो भारतीय सेना को रासायनिक और जैविक हथियारों से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। जानकारी देते हुए डॉ. शाहिद ने बताया कि यह केमिकल मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOF) तकनीक पर आधारित है, जिसे अहम तौर पर जहरीली गैसों और खतरनाक रासायनिक हथियारों को निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है। डॉ. शाहिद के अनुसार, इस केमिकल का उपयोग सैनिकों की वर्दी पर कोटिंग के रूप में किया जाएगा। यदि कोई जहरीली गैस या टॉक्सिक केमिकल सैनिक के संपर्क में आता है, तो यह केमिकल उसे वर्दी की सतह पर ही निष्क्रिय कर देगा। इससे जहरीला पदार्थ शरीर तक नहीं पहुंच पाएगा और सैनिकों को तुरंत सुरक्षा मिलेगी।
कठिन परिस्थितियों में भी असरदार
इस केमिकल को सिर्फ सामान्य वातावरण के लिए ही नहीं, बल्कि बेहद कठिन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। रेगिस्तानी इलाकों जैसी सूखी जगहों पर, जहां तापमान अधिक होता है और पानी की कमी रहती है, वहां भी यह तकनीक प्रभावी ढंग से काम कर सकती है। इसके लिए केमिकल में विशेष फंक्शनल ग्रुप्स जोड़े गए हैं, जो हर तरह के मौसम में इसकी क्षमता बनाए रखते हैं।
कम लागत में स्वदेशी सुरक्षा समाधान
डॉ. शाहिद का मानना है कि यदि यह तकनीक पूरी तरह सफल होती है, तो भारत को महंगे विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह स्वदेशी केमिकल तकनीक कम लागत में भारतीय सैनिकों को सुरक्षा देने का एक मजबूत विकल्प बन सकती है।



