मेरठ, उत्तर प्रदेश
अब घरों, होटलों, व्यावसायिक संस्थानों, उद्योगों और मैस में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। जहां-जहां अभी तक गैस पाइपलाइन नहीं पहुंच पाई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई लाइन बिछाई जाएगी। इसी योजना के तहत अगले एक साल में लगभग 200 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। GAIL Gas Limited ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही दिल्ली-देहरादून हाईवे पर परतापुर से मोदीपुरम स्टेशन तक करीब 22 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
बता दें, यह पाइपलाइन परतापुर से मुजफ्फरनगर की दिशा में डाली जाएगी, जबकि मुजफ्फरनगर से परतापुर तक पहले से ही लाइन मौजूद है। हाल ही में मुख्य सचिव द्वारा की गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। सरकार एलपीजी की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब पीएनजी को बढ़ावा दे रही है, जिससे लोगों को सस्ती, सुरक्षित और निरंतर गैस आपूर्ति मिल सके। इस दिशा में एनओसी से जुड़ी दिक्कतों को भी तेजी से हल किया जा रहा है। हाल ही में एनएचएआई से दो और नगर निगम से सात एनओसी प्राप्त हो चुकी हैं।
इसके अलावा, नगर निगम के विभिन्न वार्डों में लगभग 100 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। फिलहाल मेरठ शहर में करीब 1700 किलोमीटर पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। इस पहल से आने वाले समय में और अधिक लोगों को आसानी से पीएनजी कनेक्शन मिलेगा और शहर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा।



