बस्ती
संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रान्त के अंतर्गत बस्ती जिला में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में प्रबुद्धजन एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख जन, शिक्षक, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषक, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति, उपस्थित रहे। गोष्ठी का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका, सांस्कृतिक चेतना तथा संगठन के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि संघ समाज को जोड़ने, सेवा भाव को जागृत करने और राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करने वाला संगठन है। संघ के संस्कार और अनुशासन व्यक्ति को श्रेष्ठ नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हुए समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी के कंधों पर है। सामाजिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हुए उनके समाधान के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि यूनान एक समय में भारतीय सामान का सबसे बड़ा खरीददार था। भारत में तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला, उदंतपुरी जैसे कई विश्वविद्यालय चलते थे, जहां पूरे विश्व से छात्र आते थे। गणित, विज्ञान, चिकित्सा, टेक्सटाइल आदि में भारतीय जन श्रेष्ठ थे। एडवर्ड पोकॉक ने इंडिया इन ग्रीक में लिखा कि ग्रीक में जो कुछ था, वह भारत से गया था और पूरे यूरोप ने ग्रीक से ही सीखा।
ज्ञान में श्रेष्ठ, विद्या में श्रेष्ठ, युद्ध में श्रेष्ठ हम थे, फिर 1000 वर्ष तक गुलाम क्यों रहे? ग्रीक, हूण, शक, यवन को हराने के बाद भी, बाद के आक्रमण में हम हार गए।
संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने विचार किया कि आखिर हम क्यों हारे, हम इस स्थिति में क्यों पहुंचे? सभ्य, विनम्र, ज्ञानी होना, हमारी रक्षा नहीं कर सकता। हमारी रक्षा करती है हमारी शक्ति। यही भाव लेकर संघ संस्थापक ने संघ की स्थापना की। आज शाखाओं के माध्यम से स्वयंसेवक जातीय भेद, भाषाई भेद से दूर रहकर कार्य कर रहे हैं। आज हिन्दू जाग रहा है, हिन्दुओं के कष्ट में हिन्दू खड़ा हो रहा है। राम मंदिर बनाने का हेतु यही था कि हमारा स्वाभिमान जगे और वह स्वाभिमान जग रहा है। हम सभी पंच परिवर्तनों के सहयोगी बनें और समाज में जागरण करें।
कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राजेश मिश्रा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेश सिंह जी ने की। उन्होंने संघ के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है।



