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दीपावली पर जगमगाएंगी 7,500 से अधिक गोशालाएं, ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान से जुड़ेगा जन-जन

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश

दीपावली का त्योहार दीप जलाने और खुशियां बांटने  के साथ-साथ सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान के माध्यम से गोवंश संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल कर रही है। इस अभियान के तहत प्रदेश के 7,500 से अधिक गो संरक्षण केंद्रों और निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों को दीपावली पर रोशन करने की योजना है। साथ ही, गो आधारित उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य गोवंश संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार गो आधारित उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आय कमाने का अवसर मिलेगा। दीपावली पर उपहार के रूप में भी इन उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ सके।

दीपावली के अवसर पर गोशालाओं और निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा, ताकि त्योहार के उत्साह के साथ गोवंश के प्रति सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी का संदेश भी समाज तक पहुंचे। इस पहल के माध्यम से गोशालाओं को जनजागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं और युवाओं को मिलेगा प्रोत्साहन

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के मुताबिक, गो आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल सकती है। त्योहार के दौरान इन उत्पादों की मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में इनके निर्माण और बिक्री को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

अभियान के तहत महिलाओं और युवाओं को गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही, गो आधारित उत्पादों की उपयोगिता और उनके प्रयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी। युवाओं को गो संरक्षण का संकल्प दिलाकर इस अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास होगा।

परंपरा, सेवा और स्वावलंबन का संगम

‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को सामाजिक जिम्मेदारी और ग्रामीण स्वावलंबन से जोड़ने की पहल है। इसके माध्यम से निराश्रित गोवंश के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, महिलाओं की आजीविका को प्रोत्साहित करने और किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। दीपावली के दीपों के साथ यह पहल सेवा, सहभागिता और आत्मनिर्भर ग्रामीण समाज का संदेश देने का प्रयास करेगी।