- मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने लिया निर्णय
- श्रद्धालु अरघे के माध्यम से जलाभिषेक कर सकेंगे, जिससे उन्हें दर्शन का अनुभव मिलेगा
वाराणसी। हाल ही में काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा समिति की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें मंदिर के गर्भगृह में स्पर्श दर्शन पर रोक जारी रखने की बात कही गई है। यह कदम मंदिर में बढ़ती भीड़ और संभावित भगदड़ की स्थिति को रोकने के लिए उठाया गया है। मंदिर प्रशासन ने निर्णय लिया है कि दर्शनार्थी अब केवल दूर से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे, जबकि पहले श्रद्धालु शिवलिंग को छूकर दर्शन कर सकते थे। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।
इसके अलावा, समिति ने सुरक्षा के उपायों को और मजबूत करने पर जोर दिया। इसमें तकनीकी उपकरणों का अधिक उपयोग करने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इस दिशा में बेहतर निगरानी और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे, जो सुरक्षा में मदद करेंगे। मंदिर की सुरक्षा को लेकर नए कदम उठाने की बात की जा रही है, ताकि आने वाले धार्मिक आयोजनों में कोई अप्रत्याशित घटना न घटे।
साथ ही, मंदिर प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि श्रद्धालु अरघे के माध्यम से जलाभिषेक कर सकेंगे, जिससे उन्हें दर्शन का अनुभव मिलेगा, लेकिन स्पर्श का अनुभव नहीं होगा। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है, और इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़े अन्य उपायों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।