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धर्मपथ के वाहक धर्म नारायण जी नहीं रहे

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धर्मपथ के वाहक धर्म नारायण जी नहीं रहे


-20 जून, 1940 को राजस्थान के उदयपुर में जन्मे श्री धर्म नारायण 1959 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने।

- धर्म नारायण जी ने वर्तमान हिन्दू समाज की आवश्यकता के अनुसार हिन्दू आचार संहिता का प्रारूप भी तैयार किया। वे प्रभावी वक्ता और प्रमुख लेखक भी थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य श्री धर्म नारायण शर्मा का हृदय रोग की लंबी बीमारी के बाद 21 मार्च को रात्रि 8.40 बजे विहिप के केंद्रीय कार्यालय, संकट मोचन आश्रम नई दिल्ली में स्वर्गवास हो गया। वे 85 वर्ष के थे।



20 जून, 1940 को राजस्थान के उदयपुर में जन्मे श्री धर्म नारायण 1959 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। वे जयपुर और भीलवाड़ा जिलों में जिला प्रचारक, अजमेर और जोधपुर विभाग के विभाग प्रचारक, 1984 से 1994 तक महाकौशल प्रांत के प्रांत प्रचारक रहने के बाद 1995 से 2000 तक विश्व हिन्दू परिषद में पूर्वांचल के अंचल संगठन मंत्री और बाद में सन् 2000 से दिल्ली में विहिप के केंद्रीय मंत्री रहे। उसके बाद 3 वर्ष एकल अभियान में रहने के बाद 2024 तक विहिप के धर्म प्रसार आयाम के केंद्रीय सह प्रमुख भी रहे।

धर्म नारायण जी ने वर्तमान हिन्दू समाज की आवश्यकता के अनुसार हिन्दू आचार संहिता का प्रारूप भी तैयार किया। वे प्रभावी वक्ता और प्रमुख लेखक भी थे। उन्होंने भारतीय धर्म, संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान, नारी व युवा सशक्तिकरण जैसे अनेक विषयों पर डेढ़ दर्जन से अधिक पुस्तकें व सैकड़ों लेख लिखे।

उनका अंतिम संस्कार शनिवार सायं 4 बजे दिल्ली स्थित निगम बोध घाट पर किया जाएगा। इससे पूर्व उनका पार्थिव विहिप के केंद्रीय कार्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा।

इस महात्मा के महाप्रयाण पर उनकी पावन स्मृति में भावपूर्ण श्रद्धांजलि…
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः