• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

गांव की चौपाल चर्चा से बने देश की किसान हितैषी नीति – भारतीय किसान संघ

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

“गांवों का इतना सामर्थ्य खड़ा करना है कि गांव के चौपाल पर होने वाली चर्चा देश की नीति बनाने वालों के पास पहुंचे”, इसकी संकल्पूर्ति के लक्ष्य को तय करते हुए भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रबंध समिति बैठक मेरठ स्थित माधव कुंज परिसर सभागार में संपन्न हुई। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने प्रबंध समिति बैठक में बारे में बताया कि आगामी वर्ष भारतीय किसान संघ का सदस्यता वर्ष है, इस दृष्टि से देश के अधिक से अधिक गांवों में सदस्यता करते हुए संगठन खड़ा करने पर चिंतन हुआ।


एथेनॉल पर किसान संघ ने किया मत स्पष्ट

एथेनॉल पर जारी राजनीतिक बयानबाजी को लेकर कहा कि देश भर के किसानों का मत है कि एथेनॉल के कारण किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ साथ पर्यावरण में सुधार हुआ है। साथ ही यह विदेशी मुद्रा संरक्षण की दृष्टि से उठाया बड़ा कदम है। इसलिए देश के किसान व किसान हितैषी बंधुओं को इसके पक्ष में अपना मत खुलकर रखना चाहिए। जब भी किसानों को बाजार से अच्छा मूल्य मिलने की संभावना बनती है। तुरंत देश में बैठे किसान विरोधी तत्व महंगाई के नाम पर हंगामा करते हुए किसानों को अच्छा मूल्य न मिल सके, इसके लिए लड़ने लगते हैं।

भारत अमेरिका व्यापार समझौता

उन्होंने कहा कि बैठक में भारत अमेरिका व्यापार समझौता विषय पर भी चर्चा हुई। चूंकि समझौता वार्ता अभी रुकी हुई है। सरकार द्वारा बार बार कहा जा रहा है कि कृषि, डेयरी व फिशरी के संबंध में कोई भी समझौता नहीं होने वाला है। इस आश्वाशन से किसान आश्वस्त है। किसान संघ का कहना है कि जब भी वार्ता शुरू होगी, हम उस पर नजर रखेंगे।

30 सितंबर को दिल्ली में होगा महिला किसान सम्मेलन

आगामी 30 सितंबर को भारतीय किसान संघ द्वारा दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर एक बड़ा महिला किसान सम्मेलन करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रबंध समिति में चर्चा की गई। जिसमें देश भर से हजारों महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। जिसमें हम खेती ही करेंगे, गौ आधारित जैविक खेती, विषमुक्त भोजन, रोगमुक्त जीवन, स्वालंबन व परिवार प्रबोधन आदि विषय शामिल होंगे।

महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने जीएम फसलों को लेकर कहा कि जिस प्रकार से अधिक उत्पादन के नाम पर बीटी कपास को लाकर अपने स्वावलंबन को खत्म कर कपास की खेती को बर्बाद कर दिया। कुछ लोग अब जीन एडिट चावल (धान) की खेती के माध्यम से चावल के स्वावलंबन को बर्बाद करने का प्रयास कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ इसकी घोर निंदा करता है।

बैठक में अखिल भारतीय कार्यकर्ताओं के साथ ही देश भर से प्रांतों के अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, क्षेत्र संगठन मंत्री व प्रांत संगठन मंत्री की उपस्थिति रही।

अखिल भारतीय प्रबंध समिति बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख व किसान संघ के संपर्क अधिकारी रामलाल जी ने कहा —

“विचार बड़ा है, व्यक्ति नहीं”

“डिक्टेट व डिबेट नहीं, डिस्कशन करना”

“स्वर्ण जयंती वर्ष का आधार सदस्यता बनना चाहिए।”

“नेतृत्व, विचार व कार्यपद्धति पर कार्यकर्ता को विश्वास रखना चाहिए।”

“संवाद और समन्वय ही हमारी कार्य संस्कृति की वास्तविक ताकत है।”

“राष्ट्रहित सर्वोपरि है।”