• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

बेसहारा लोगों को अंतिम सम्मान: फिरोजाबाद की प्रेरणादायक पहल

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश

समाज में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें जीवन में सहारा नहीं मिल पाता, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद उन्हें सम्मान देना भी हमारा कर्तव्य है। फिरोजाबाद में इसी सोच के साथ एक सराहनीय और मानवीय पहल की जा रही है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन रही है। जी हां, फिरोजाबाद में लावारिस और बेसहारा लोगों को उनकी मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम विदाई देने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल के तहत उनकी अस्थियों को पूरे विधि-विधान से गंगा में विसर्जित किया जाता है, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।

इस नेक काम की शुरुआत कई साल पहले एक संत ने की थी। अब बैकुंठ धाम वेलफेयर ट्रस्टके सदस्य इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। संस्था पिछले 5 वर्षों से लगातार इस कार्य को कर रही है। संस्था के संचालक जितेंद्र शर्मा के अनुसार, लावारिस व्यक्तियों का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में विधिपूर्वक किया जाता है। इसके बाद उनकी अस्थियों को सुरक्षित रखा जाता है और जब पर्याप्त संख्या में अस्थियां इकट्ठी हो जाती हैं, तो उन्हें सोरों गंगा घाट ले जाकर विधि-विधान से विसर्जित किया जाता है।


अब तक 250 से अधिक लोगों की अस्थियों का विसर्जन किया जा चुका है। इस पूरे कार्य में संस्था के सदस्य अपने निजी खर्च से सहयोग करते हैं। गंगा में अस्थि-विसर्जन के बाद मृत आत्मा की शांति के लिए गरुड़ पुराण का पाठ भी कराया जाता है। यह पहल हमें यह सिखाती है कि समाज के प्रति हमारा कर्तव्य केवल जीवित लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमें उन लोगों के लिए भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए जो जीवन में अकेले रह गए। यह एक ऐसा कार्य है, जो मानवता, संवेदनशीलता और संस्कारों की सच्ची प्रेरणा प्रस्तुत करता है।