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‘एक पुष्प एक पुस्तक’: पढ़ने की संस्कृति बढ़ाने की नई पहल

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‘एक पुष्प एक पुस्तक’: पढ़ने की संस्कृति बढ़ाने की नई पहल

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश

पुस्तकों से ज्ञान बढ़ता है और एक फूल सम्मान का प्रतीक होता है। इसी सोच के साथ डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने ‘एक पुष्प एक पुस्तक’ अभियान पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी समारोह या मुलाकात में एक फूल और एक पुस्तक भेंट करें। उन्होंने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद कई लोग उनसे मिलने आए और पुष्पगुच्छ भेंट किए, जिनमें 10 से 20 प्रतिशत तक प्लास्टिक के फूल शामिल थे।


जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से ‘सब पढ़ें और आगे बढ़ें’ अभियान शुरू किया गया था। इसी सोच के तहत लोगों को एक फूल और एक पुस्तक भेंट करने की आदत अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। एक पुष्पगुच्छ की कीमत में अच्छी किताब खरीदी जा सकती है।


अगर लोग पुस्तकें भेंट करेंगे तो हर घर में छोटी लाइब्रेरी बन सकती है। उन्होंने कहा कि मोबाइल के बढ़ते प्रयोग से लोगों की एकाग्रता कम हो रही है, जबकि पुस्तक पढ़ने से एकाग्रता बढ़ती है। इसलिए हमें पुस्तकों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।