- पुलिस ने कई संदिग्ध को लिया हिरासत में
- सिद्धू ने फर्जी आधार कार्ड भी व्हाट्सएप के जरिए भेजे थे
पीलीभीत/लखीमपुर खीरी। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के आतंकियों के मददगारों की तलाश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और स्थानीय पुलिस ने पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में कई स्थानों पर छापेमारी की। बीते 24 घंटे में संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
होटल में ठहरने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल -
पुलिस ने पुष्टि की है कि 23 दिसंबर को मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों ने पूरनपुर के हरजी होटल में 20-21 दिसंबर के बीच ठहरने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। होटल में ठहरने के दौरान आतंकियों की सहायता के लिए स्थानीय मददगारों ने भूमिका निभाई। पुलिस ने इन फर्जी दस्तावेजों की जांच के आधार पर तीनों आतंकियों और उनके दो स्थानीय मददगारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इंग्लैंड से आई कॉल, स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश -
पूछताछ में सामने आया कि आतंकियों को सहायता देने के लिए इंग्लैंड से स्थानीय मददगारों को फोन किया गया था। गजरौला जप्ती गांव के निवासी जसपाल सनी ने खुलासा किया कि हरियाणा के जींद के निवासी सिद्धू, जो इंग्लैंड में रहता है, ने आतंकियों को ठहराने और अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए निर्देश दिए थे। सिद्धू ने फर्जी आधार कार्ड भी व्हाट्सएप के जरिए भेजे थे।
रिश्तेदारों से पूछताछ और मोबाइल नंबर जब्त -
एनआईए की टीम ने लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में आतंकी गुरविंदर सिंह की बुआ परमजीत कौर से पूछताछ की। उनसे गुरविंदर के ठहरने, गतिविधियों और संपर्कों से जुड़े सवाल किए गए। साथ ही उनके रिश्तेदारों और घर वालों के मोबाइल नंबर भी जब्त किए गए।
सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की पहचान -
गजरौला जप्ती गांव के दो युवकों को होटल के सीसीटीवी फुटेज में आतंकियों के साथ देखा गया। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि ये दोनों ही फर्जी आधार कार्ड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में शामिल थे।
स्थानीय नेटवर्क की जांच -
जांच एजेंसियां मान रही हैं कि आतंकियों के पूरनपुर पहुंचने से पहले ही उनके लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। होटल में ठहरने के लिए किराया कम कराने से लेकर अन्य गतिविधियों तक, स्थानीय मददगारों का एक मजबूत नेटवर्क सक्रिय था। एनआईए और पुलिस इस नेटवर्क की सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि -
गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला करने के बाद आतंकी वरिंदर सिंह उर्फ रवि, जसनप्रीत उर्फ प्रताप सिंह, और गुरविंदर सिंह पूरनपुर पहुंचे थे। 23 दिसंबर को पुलिस मुठभेड़ में इन तीनों आतंकियों को मार गिराया गया।
एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि आतंकियों के स्थानीय संपर्कों और मददगारों को चिन्हित करने के लिए जांच जारी है। होटल के मैनेजर से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है, लेकिन होटल का कमरा नंबर 105 सील कर दिया गया है।
एनआईए और पुलिस की सक्रियता ने आतंकियों के स्थानीय नेटवर्क की मौजूदगी को उजागर कर दिया है। जांच एजेंसियां अब भी कई सवालों के जवाब तलाश रही हैं, जिससे इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।