• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

- बुलेट प्रूफ वाहन से होगी मंदिर की सुरक्षा, गंगा तट पर होंगे तैनात

- श्रद्धालुओं का सामान खो जाने पर सुरक्षा कर्मियों को मिलेगा अलर्ट 

- PIDS हाईलेबल की सुरक्षा तकनीक का होगा इस्तेमान 

वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गंगा द्वार से लेकर मंदिर परिसर तक निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, साथ ही बुलेटप्रूफ वाहनों की तैनाती की योजना भी है। सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए स्कैनिंग उपकरण, जैसे कि पेरिमीटर इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (PIDS) और हाईलेवल सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके अलावा, गंगा घाट पर सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था की जाएगी, जिसमें छतों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी, और चारों द्वार पर स्कैनिंग उपकरण लगाए जाएंगे। गंगा द्वार से मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस के साथ पिकेट पुलिस भी तैनात की जाएगी। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं, ताकि काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के दर्शन-पूजन की सुविधा मिल सके।

काशी विश्वनाथ मंदिर में अब सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। यदि मंदिर परिसर में कहीं भी किसी का सामान खो जाता है, तो इस घटना का तुरंत पता लगाने और उसे वापस पाने के लिए सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट भेजा जाएगा। यह कदम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी वस्तुओं की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

इसके साथ ही, मंदिर के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस कर्मियों को पुजारी के वेश में तैनात किया गया है। इससे भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।