एनसीईआरटी की पुस्तकों में नए सत्र से छात्र जानेंगे अपने जिले की विशेषताएँ
यूपी स्पेशल में छात्र जानेगें स्वतंत्रता आंदोलन, प्राचीन इतिहास, धर्म संस्कृति
उत्तर प्रदेश का इतिहास पुराणों एवं
गाथाओं से भरा हुआ है, मथुरा
में श्रीकृष्ण से लेकर अयोध्या मे श्रीराम जन्मभूमि और महाभारत के पांडवों की बात
करें तो सभी जगह इतिहास ने अपनी छाप छोड़ी है, कहना गलत नहीं होगा कि यूपी के सभी
जिले अपना ऐतिहासिक और स्वतंत्रता आंदोलन में दिया योगदान से लेकर प्राचीन इतिहास,
धर्म संस्कृति
से जुड़े स्थल, वैज्ञानिक
योगदान, भूगोल,
स्वयं बताते
हैं..
सभी जिलों की इसी विरासत को बच्चों तक
पहुँचाने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद NCERT की पुस्तकों में नए सत्र से परिवर्तन
किया गया है।
आपकी जानकरी के लिए बता दें इस वर्ष
तीसरी और छठवीं कक्षा की पुस्तकों में बदलाव किया जा रहा है। हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान की
पुस्तकों में बदलाव करके अगले सत्र से इनको लागू कर दिया जाएगा। कक्षा तीन और
छठवीं कक्षा में बच्चों की समझ के अनुसार पुस्तकों में बदलाव के लिए उत्तर प्रदेश
के महापुरुष, क्रांतिकारी,
प्रमुख मेले,
तीर्थस्थान,
पक्षी विहार,
उत्तर प्रदेश के
राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों
का क्रम, इतिहास
और जनसंख्या आदि से संबंधित तथ्य जोड़े जा रहे हैं।
इस विषय पर बात करते हुए DIET के नोडल अधिकारी राजेश खन्ना का कहना है कि यूपी स्पेशल किताब में प्रदेश के हर जनपद की पौराणिक और आधुनिकता जानकारी होगी। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बारे में प्रचुर जानकारी देकर छात्रों को प्रदेश की जानकारी से समृद्ध करना है। जिससे छात्र यूपी स्पेशल बुक के द्वारा प्रदेश के हर जिले की पौराणिक और ऐतिहासिक ज्ञान प्राप्त कर सकें