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इस किसान ने अपने साथ अन्य किसानों को भी बनाया आत्मनिर्भर

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इस किसान ने अपने साथ अन्य किसानों को भी बनाया आत्मनिर्भर


खेती में कुछ नया करने और अपनी आय को सुदृढ़ करने के लिए आज कई किसान पारम्परिक खेती को छोड़कर अधिक लाभ देने वाली फसलों या अन्य उत्पादन की ओर मुड़ रहे हैं, परंतु वह जो भी करें उसमें उन्हें हानि न हो इसके लिए सही ढंग से कार्य का प्रशिक्षण लेना आवश्यक है। इसी दिशा में यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले किसान नेपाल सिंह एक सकारात्मक कार्य कर रहे हैं।

दरअसल नेपाल सिंह विभिन्न प्रकार का शुद्ध और प्राकृतिक शहद तैयार करते हैं और उसे सीधे बाजार में बेचते हैं। इसके साथ ही वे अन्य किसानों को भी मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहे हैं। कई किसान उनसे ट्रेनिंग लेकर सफलतापूर्वक अपने व्यवसाय की शुरुआत कर चुके हैं।


नेपाल सिंह बताते हैं कि वे हल्द्वानी की ओर जाकर लीची के बागों में शहद तैयार करते हैं। इसके अतिरिक्त वे यूकेलिप्टस और अन्य फूलों से भी शहद उत्पादन करते हैं। सरसों के फूलों से शहद बनाने के लिए वे राजस्थान भी जाते हैं। नेपाल सिंह ने मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग लेकर उद्यान विभाग की योजना के तहत 16 बक्सों के साथ अपना व्यवसाय शुरू किया और अब उनका व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को शुद्ध और प्राकृतिक शहद उपलब्ध कराना है। 


नेपाल सिंह अन्य लोगों को भी इस कार्य की निःशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिसमें वे मधुमक्खी पालन के सभी जरूरी गुण सिखाते हैं। अब तक वे 15 से अधिक लोगों को ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बना चुके हैं। 


इस प्रकार किसान नेपाल सिंह अपने जैविक मधुमक्खी पालन से लोगों को शुद्ध एवं पौष्टिक शहद तो उपलब्ध करा ही रहे हैं, इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को मधुमक्खी पालन सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत के रुप में उभर रहे हैं।