नई दिल्ली
बीएमएस प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री से लंबित मुद्दों पर की भेंट: मंत्री जी का सकारात्मक आश्वासन
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी से नई दिल्ली में भेंट कर श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर एक ज्ञापन सौंपा। मंत्री जी ने बीएमएस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएमएस के महामंत्री श्री रविंद्र हिमते ने किया। ज्ञापन में बीएमएस ने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं
-ईपीएफ और ईएसआई की वेतन-सीमा में वृद्धि
-न्यूनतम पेंशन राशि को ₹1000 से पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाए
-भारतीय श्रम सम्मेलन (Indian Labour Conference) को शीघ्र आयोजित किया जाए
-बोनस गणना की सीमा में वृद्धि
-ग्रेच्युटी पात्रता को
15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया जाए
-सभी स्कीम वर्कर्स के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि में वृद्धि
बीएमएस ने निजी, सार्वजनिक एवं सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न प्रकार के संविदा श्रमिकों की दयनीय स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से आईओसीएल, निजी टेलीकॉम कंपनियों, राज्य विद्युत बोर्ड, ईएसआईसी, एयर इंडिया एक्सप्रेस, कुडनकुलम परमाणु परियोजना आदि से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। बीएमएस ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 की धारा 25(2)(5)(A) का सख्ती से पालन कराया जाए, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “संविदा श्रमिक को उसी प्रतिष्ठान में नियोजित स्थायी कर्मचारी के समान और समान प्रकृति का वेतन दिया जाना चाहिए।” बीएमएस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की, जो श्रमिकों का शोषण और उत्पीड़न कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने देशभर में निजी परिवहन क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के चालकों (Drivers) के लिए एक कल्याण बोर्ड स्थापित करने की मांग भी रखी। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में आईपीओ के विषय में माननीय श्रम मंत्री जी ने वित्त मंत्री जी से चर्चा करके इसके अविलम्ब समाधान का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में श्री सुरेंद्र कुमार पांडेय (उप महामंत्री ), श्री बी. सुरेन्द्रन (राष्ट्रीय संगठन मंत्री ), राष्ट्रीय मंत्री श्री गिरीश आर्य एवं श्री रामनाथ गणेशे, तथा क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री अनुपम शामिल थे। माननीय मंत्री जी ने सभी मुद्दों को गंभीरतापूर्वक सुना, उनके प्रभावों पर चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगी।



