• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

विधि-विधान के साथ खुले आदिबदरी मंदिर के कपाट

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

चमोली, उत्तराखण्ड

 उत्तराखण्ड के चमोली में स्थित पंच बद्री तीर्थों में से एक भगवान आदिबद्री धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के अनुसार मंदिर के कपाट खोले गए। इसके साथ ही अब अगले 11 महीनों तक श्रद्धालु भगवान आदिबद्री के दर्शन कर सकेंगे। बता दें कपाट खुलने के अवसर पर दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आदिबद्री धाम पहुंचे। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि कपाट खुलते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है वही मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने बताया कि सबसे पहले भगवान विष्णु का पंच स्नान कराया गया, इसके बाद महाभिषेक और भोग लगाया गया। पंच ज्वाला आरती के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण के दर्शन किए। कपाट खुलने के मौके पर आदिबद्री धाम मंदिर को सुंदर फूलों से सजाया गया, जिससे मंदिर की शोभा और बढ़ गई।

उत्तराखंड में कहां है आदिबद्री धाम?

आदिबद्री धाम चमोली जिले में कर्णप्रयाग गैरसैंण हाइवे पर स्थित है। इस विशाल मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। मान्यता है कि यह भगवान विष्णु का पहला मंदिर है। आदिबद्री धाम में भगवान विष्णु खड़े मुद्रा में विराजमान हैं, जबकि बद्रीनाथ धाम में वे पद्मासन में होते हैं। भगवान आदिबद्री नाथ और भगवान बद्रीनाथ के कपाट खुलने की परंपरा भी एक जैसी मानी जाती है।