ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
उत्तर भारत में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जी हां, सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना से तकनीकी आत्मनिर्भरता के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जानकारी के अनुसार, उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला 21 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी सेक्टर-28 में रखी जाएगी। यह कार्यक्रम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में आयोजित होगा। इस यूनिट में एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करीब ₹3706 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद मौके पर मौजूद रहकर शिलान्यास करेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए सेक्टर-28 में 48 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह यूनिट डिस्प्ले ड्राइवर आईसी बनाएगी, जिनका प्रयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य डिस्प्ले वाले उपकरणों में होता है। प्लांट की क्षमता हर महीने 20 हजार वेफर्स की होगी, जिससे लगभग 3.6 करोड़ चिप्स का मासिक उत्पादन संभव होगा।
इस परियोजना से करीब 3,780 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। यूनिट को रोजाना 19,000 केवीए बिजली और 2,000 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। यह यूनिट भारत की सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत छह इकाइयों में से एक है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास होने के कारण यह YEIDA क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगी। वही कार्यक्रम को लेकर पुलिस, प्रशासन और YEIDA ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।



