देहरादून, उत्तराखण्ड
पहाड़ों में एक ऐसी घास, जिसे छूते ही करंट जैसा झटका महसूस होता है। वही बिच्छू घास, जिसे लोग दूर से ही देखते थे। अब बन चुकी है बालों की सबसे बड़ी रक्षा कवच। देहरादून के एक 19 वर्ष के युवा ने इस चुभने वाली घास को बना दिया है केमिकल-फ्रीशैंपू। देवभूमि उत्तराखण्ड, जहां प्रकृति के खजाने छिपे हैं जंगलों और पहाड़ों में। इन्हीं खजानों में से एक है बिच्छू घास, जिसे कंडाली भी कहा जाता है। छूने पर तेज झनझनाहट देने वाली ये घास अब बालों के लिए वरदान बन गई है। देहरादून के अभिषेक जो अभी ग्रेजुएशन कर रहे हैं, उन्होंने इस अनोखी घास से एक ऐसा शैंपू तैयार किया है, जो पूरी तरह केमिकल-फ्री है और बालों को मजबूत, घना और सिल्की बनाने में मदद करता है।
वास्तव में कंडाली आयरन, कैल्शियम और विटामिन ए, सी, के से भरपूर है, जो बालों की जड़ों को पोषण देती है, झड़ना रोकती है और रूसी को जड़ से खत्म करती है। यही नहीं, ये स्कैल्प को गहराई से साफ कर बालों को नई जिंदगी भी देती है। पहाड़ों में सदियों से इस्तेमाल हो रही यह जड़ी-बूटी। अब आधुनिक बाजार में अपनी नई पहचान बना रही है। जिस बिच्छू घास से लोग कभी दूर भागते थे। आज वही युवाओं के लिए रोजगार और सेहत दोनों का जरिया बन रही है। अभिषेक की ये पहल न केवल बालों के लिए फायदेमंद है, बल्कि पहाड़ की परम्पराओं को भी नई पहचान दे रही है।



