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ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का पहला हाईटेक रोबोटिक्स पार्क, दो जोन में होगा निर्माण

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ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक और उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनाया जाएगा, जिससे रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वदेशी तकनीक के विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में यह पार्क 69.52 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य रोबोट बनाने वाली कंपनियों, AI स्टार्टअप, तकनीकी विशेषज्ञों और शोध संस्थानों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

दो जोन में होगा विकास

पहला जोन: 8 एकड़ जमीन पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत साझा तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

दूसरा जोन: 61.52 एकड़ जमीन पर निजी कंपनियां निवेश करके औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर सकेंगी।

पहले जोन के लिए 147.3 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था की गई है। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 21.1 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश करेगा, जबकि राज्य सरकार 126.2 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण 30 साल के लिए उपलब्ध कराएगी।

पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, प्रोटोटाइप बनाने की सुविधा, AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मोशन कैप्चर और डेटा लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्टार्टअप और कंपनियों को कम लागत में नए उत्पाद तैयार करने, उनकी जांच करने और तकनीक को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

स्वदेशी तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

इस पार्क के माध्यम से देश में ही रोबोटिक्स और AI से जुड़े उत्पाद विकसित करने और उनका निर्माण करने के अवसर बढ़ेंगे। इससे विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। कंपनियां वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकेंगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद पा सकती हैं।

एक लाख से अधिक रोजगार की उम्मीद

सरकार के अनुमान के मुताबिक, परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना करीब 2,000 करोड़ रुपये के सकल मूल्यवर्धन (GVA) का अनुमान है।