लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार अब संतों, पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों के कल्याण के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही पुरोहित कल्याण बोर्ड का गठन करने जा रही है। इसके जरिए बुजुर्ग और जरूरतमंद पुजारियों को स्वास्थ्य सुविधा, राशन और दूसरी जरूरी मदद दी जाएगी।
धर्मार्थ कार्य विभाग इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाना है।
60 वर्ष से अधिक आयु के पुजारियों को मिलेगा लाभ
सरकार की योजना के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित और आर्थिक रूप से कमजोर पुजारियों को विशेष सहायता दी जाएगी।
इसमें-
• निशुल्क या सस्ती स्वास्थ्य सुविधा
• राशन की व्यवस्था
• सरकारी योजनाओं का लाभ
• आर्थिक सहायता
जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
सरकार पुजारियों को मानदेय देने पर भी विचार कर रही है, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा थी योजना
भारतीय जनता पार्टी ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में संतों और पुजारियों के कल्याण का वादा किया था। अब सरकार उसी वादे को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।

धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर सरकार का जोर
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों के विकास और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब सरकार धार्मिक सेवाओं से जुड़े लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दे रही है।
पुजारियों को मिलेगा सम्मान और सुरक्षा
कई बुजुर्ग पुजारी आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे में पुरोहित कल्याण बोर्ड उनके लिए सहारा बन सकता है। इससे उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद मिलेगी और समाज में उनके योगदान को भी पहचान मिलेगी।



