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शिक्षकों का कमाल - कान्वेंट से कम नहीं यह सरकारी स्कूल

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मन में कुछ करने का जज्बा और जुनून हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसा ही कर दिखाया है कम्पोजिट विद्यालय में विज्ञान पढ़ाने वाले अध्यापक अंजुम सक्सेना ने जिन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता से स्कूल की तस्वीर और तकदीर दोनों ही बदल दी है।

शिक्षक
अंजुम की ईमानदारी, परिश्रम और लगन से किए गए मेहनत कार्यों के कारण शिक्षण, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वह दूसरे स्कूलों के लिए आज उदाहरण बन चुका है। रामपुर में बने कम्पोजिट विद्यालय मिलक निब्बी में अनुशासन और रख रखाव ऐसा है जिसे देखकर आप भूल जाएंगे कि यह सरकारी स्कूल है। संस्कार और संस्कृति बिल्कुल कॉन्वेंट स्कूल जैसा नजर आएगा।

यहां
बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए केवल कंप्यूटर लैब ही नहीं है बल्कि स्मार्ट टीवी और वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं भी हैं। स्कूल में प्रोजेक्टर भी लगवाया है जिसकी सहायता से बच्चे तमाम प्रोजेक्ट को आसानी से समझते हैं. स्कूल में हर तरफ फैली हरियाली, महापुरुषों के संदेश उनके फोटो के साथ ही साफ सुथरा भवन सभी को आकर्षित करता है। इस माहौल का परिणाम यह हुआ कि स्कूल में बच्चों की उपस्थित शत प्रतिशत रहने लगा है।

शिक्षा
विभाग भी इस स्कूल की कई बार प्रशंसा कर चुका है। स्कूल टीचर अंजुम सक्सेना का कहना है कि सरकार के द्वारा काफी सुविधा प्राप्त होती है लेकिन कुछ चीजें फिर भी अधूरी रह जाती है। जिसको पूरा करने के लिए हम अपनी तरफ से पूरी तरह से प्रयासरत रहते है और बच्चों को साइंस लैब देने से मुझे उन्हें कोई भी टॉपिक समझाने में बड़ी आसानी मिल जाती है।