अयोध्या, उत्तर प्रदेश
अयोध्या के कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल फाउंडेशन की ओर से
दिव्यांगजनों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निःशुल्क कृत्रिम अंग
प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर के चौथे दिन 35
लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण वितरित किए गए। वहीं, नेत्र
परीक्षण के बाद 114 लोगों को चश्मे दिए गए। शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे अयोध्या धाम
के संत-महंतों ने सेवा कार्य की सराहना की और इसे जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां
लाने वाला प्रयास बताया।
संत-महंतों ने किया शिविर का निरीक्षण
शिविर के चौथे दिन अयोध्या धाम के कई संत-महंत कारसेवकपुरम पहुंचे।
उन्होंने कृत्रिम अंग निर्माण कार्यशाला, नेत्र परीक्षण
केंद्र और अन्य गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों की
सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
हनुमान टेकरी के स्वामी वरुण दास जी महाराज ने कहा कि अशोक सिंघल जी
ने सनातन धर्म के संतों और महापुरुषों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण कार्य
किया। उन्होंने कहा कि संतों को एकजुट करने और समाज को साथ लेकर चलने में अशोक
सिंघल जी की अहम भूमिका रही। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी उनके योगदान को याद
किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बड़े कार्यों को कम समय में पूरा करने के लिए
महापुरुषों जैसा समर्पण और संकल्प जरूरी होता है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि
आंदोलन से जुड़े संघर्ष और उसमें अनेक लोगों के योगदान का भी उल्लेख किया।
35 लोगों को कृत्रिम अंग और उपकरण वितरित
शिविर के चौथे दिन कुल 35 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और आवश्यक उपकरण दिए गए। इनमें 29 लोगों को कृत्रिम अंग तथा छह लोगों को हाथ वितरित किए गए। इसके साथ ही 118 लोगों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 114 लोगों को चश्मे दिए गए। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें सामान्य जीवन जीने में सहयोग देना है।
शिविर के निरीक्षण के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी दिनेन्द्र दास जी महाराज, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र, हनुमानगढ़ी के दिवेशाचार्य जी महाराज, अड़गड़ा मंदिर सीताराम कुंज के सत्येंद्र दास जी महाराज, श्री महंत महेशदास जी महाराज, सीताकांत सदन के ब्रह्मचारी रामानुज दास जी और विश्वकर्मा मंदिर के महेश दास जी महाराज उपस्थित रहे। इसके अलावा विकलांग जनकल्याण विभाग, अयोध्या मंडल की उपनिदेशक विनीता यादव और जिला विकलांग कल्याण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने भी शिविर का निरीक्षण किया। सभी ने सेवा कार्यों को देखा और आयोजन से जुड़े लोगों को आशीर्वाद दिया।
संतों को दिखाई गई अंग निर्माण कार्यशाला
इस अवसर पर फाउंडेशन के समन्वयक मनोज तिवारी, शिखर
और अन्य कार्यकर्ताओं ने संत-महंतों को कृत्रिम अंग बनाने की कार्यशाला, नेत्र
परीक्षण केंद्र और शिविर में चल रही दूसरी गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर संतों को अंगवस्त्र, पटका, श्रीराम
परिवार का चित्र और अशोक सिंघल जी के जीवन पर आधारित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया
गया।
शिविर के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता के साथ-साथ समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।



