लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है। इसमें
उन्होंने दीपोत्सव के महत्व, भगवान श्रीराम के आदर्शों और अयोध्या की
धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का जिक्र किया है। साथ ही, उन्होंने लोगों से
अपने परिवार और दोस्तों के साथ अयोध्या आकर दीपोत्सव में शामिल होने की अपील की
है।
सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव केवल
रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और परंपराओं से
जुड़ा महापर्व है। यह पर्व भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की याद दिलाता है।
अपनी पाती में उन्होंने भगवान श्रीराम
के भाई भरत का उदाहरण देते हुए लिखा कि भरत ने 14 साल तक राजसुख का त्याग किया और
श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर शासन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि
दीपोत्सव आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम है। इस आयोजन से कुम्हारों, फूल
विक्रेताओं, होटल कारोबारियों और अन्य स्थानीय व्यापारियों को रोजगार और
कमाई के नए अवसर मिलते हैं।
उन्होंने प्रकाश, सुरक्षा, निवेश
और विकास के बीच संबंध बताते हुए कहा कि जहां रोशनी होती है, वहां
सुरक्षा का माहौल बनता है। सुरक्षा से निवेश के अवसर बढ़ते हैं और निवेश से विकास
और रोजगार को बढ़ावा मिलता है।
साथ ही सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने की अपील की। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों को दीये, मिठाइयां और नए कपड़े देने का आग्रह किया, ताकि उनकी दिवाली भी खुशियों से भर सके। मुख्यमंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सोच रखने और नकारात्मकता से दूर रहने की अपील भी की। साथ ही, उन्होंने लोगों से स्थानीय कारीगरों के बनाए दीये और अन्य सामान खरीदने का आग्रह किया, जिससे उनके काम को प्रोत्साहन मिल सके।



