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नैनीताल: सरकारी वन भूमि पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 14 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण मुक्त

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नैनीताल, उत्तराखण्ड

सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखण्ड के रामनगर में कोसी नदी किनारे वन विभाग की जमीन पर बनी पुछड़ी बस्ती में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। बता दें, रविवार को वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। अभियान के दौरान 86 पक्के मकानों को ध्वस्त कर करीब 14 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई से पहले सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं और मुनादी कराकर लोगों को सूचना दी गई थी। अभियान से एक दिन पहले पुलिस और वन विभाग की टीम को ब्रीफिंग भी दी गई थी। प्रशासन की तैयारी को देखते हुए कुछ लोगों ने अपने मकान खुद ही तोड़ने शुरू कर दिए थे।

भू-माफिया पर जमीन बेचने का आरोप

जानकारी के अनुसार, ताहिर मुल्ला नाम के व्यक्ति पर वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा कराने और उत्तर प्रदेश के लोगों को जमीन बेचकर बस्ती बसाने का आरोप है। वन विभाग ने इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय और पुलिस स्तर पर कार्रवाई दर्ज होने की बात कही है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उसकी तलाश भी की जा रही है।

सुरक्षा के व्यापक प्रबंध

अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 7 जोन, 14 सेक्टर और 6 बैरियर में बांटा था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 5 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 5 एएसपी, 6 सीओ, 25 इंस्पेक्टर, 82 दरोगा और पीएसी की 3 कंपनियां तैनात की गईं।

वन विभाग को सौंपी जाएगी जमीन

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर वन विभाग के सौंपना है। साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।