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एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही धामी सरकार, 488 महिलाओं को मिली आर्थिक मदद

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देहरादून, उत्तराखण्ड

उत्तराखण्ड सरकार एकल, विधवा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत राज्य की 488 महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए 2.75 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूसरे चरण की 212 महिलाओं को पहली किस्त की सहायता राशि वितरित की। वहीं, योजना के पहले चरण से जुड़ी 276 महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने गांव और क्षेत्र में ही स्वरोजगार शुरू कर सम्मानजनक जीवन जी सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

वही महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दूसरे चरण में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और देहरादून की 212 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 1.55 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई। वहीं देहरादून, नैनीताल और टिहरी की 276 महिलाओं को दूसरी किस्त जारी की गई। उन्होंने बताया कि योजना के तहत महिलाएं कृषि, पशुपालन, सिलाई, ब्यूटी पार्लर समेत कई छोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। सरकार दो लाख रुपये तक की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक अनुदान देती है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि लाभार्थी महिला को स्वयं लगानी होती है।

रेखा आर्या ने यह भी बताया कि पहले चरण में 10 फरवरी 2026 को छह जिलों की 484 महिलाओं को 3.45 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त जारी की गई थी। इस योजना से प्रदेश की सैकड़ों महिलाओं को रोजगार का नया अवसर मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।