मेरठ, उत्तर प्रदेश
स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में
व्यापार मेलों की अहम भूमिका होती है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो मेरठ के
उद्यमियों के लिए ऐसा ही एक बड़ा मंच बनकर उभरा है। जी हां, यहां उन्हें विदेशी
खरीदारों से जुड़ने, नए
ऑर्डर प्राप्त करने और अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं।
एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के तहत वीनेक्स स्पोर्ट्स के स्टॉल पर कई देशों के खरीदार पहुंचे। कंपनी के निदेशक शेखर भल्ला ने बताया कि उनके उत्पाद पहले से ही कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। ट्रेड शो के माध्यम से नए ग्राहकों से जुड़ने और कारोबार बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ व्यापारी बातचीत के बाद जल्द ही ऑर्डर भी दे देते हैं। यह आयोजन खासतौर पर उन उद्यमियों के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है, जो अपने उत्पादों के निर्यात के लिए नए बाजार तलाश रहे हैं। उन्हें एक ही स्थान पर विदेशी खरीदारों से मिलने और अपने उत्पादों की जानकारी देने का अवसर मिल रहा है।
वहीं एक जिला एक व्यंजन के तहत नानखटाई, रेवड़ी और गजक के स्टॉल भी ग्राहकों को
आकर्षित कर रहे हैं। स्टॉल संचालक सलमान ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से आए
लोगों ने मेरठ के इन खास उत्पादों के बारे में जानकारी ली। वहीं, विदेश से आए दो ग्राहकों ने गजक और
रेवड़ी का ऑर्डर देने में रुचि दिखाई।
साथ ही हस्तशिल्प के स्टॉल पर लिप्पन आर्ट के उत्पाद भी लोगों
की पसंद बन रहे हैं। स्टॉल संचालक शिप्रा शर्मा ने बताया कि उनके स्टॉल पर बड़ी
संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं। उन्हें हर साल विभिन्न क्षेत्रों से ऑर्डर मिलते
हैं। ट्रेड शो से उनके उत्पादों को नए ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।
बता दें, जिला उद्योग केंद्र के अतिरिक्त उपायुक्त काजमी नकवी ने अपनी टीम के साथ विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेरठ के 40 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें तीन स्टॉल एक जिला एक व्यंजन के तहत शामिल हैं। वहीं, खेल विश्वविद्यालय के स्टॉल पर कुलपति दीप अहलावत ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एमपी सिंह और ओलंपियन दानिश मुस्तफा को विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी।
उत्तर
प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो मेरठ के स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने और
उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इससे खेल सामग्री, पारंपरिक
मिठाइयों और हस्तशिल्प को नए ग्राहक मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं।



