• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की भव्य तैयारी, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन का बड़ा प्लान

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गाजियाबाद प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लाखों शिवभक्तों की संभावित आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।

170 शराब दुकानों पर लगेंगे अपारदर्शी पर्दे

रिपोर्ट के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर स्थित 170 शराब दुकानों के सामने अपारदर्शी पर्दे लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे। इन दुकानों की निगरानी के लिए छह आबकारी टीमें तैनात रहेंगी। वहीं, यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर नॉनवेज की दुकानें बंद रहेंगी।

खाद्य गुणवत्ता पर रहेगी कड़ी नजर

साथ ही श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 निरीक्षण टीमें और पांच जीएफएसओ टीमें लगातार ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट और कांवड़ शिविरों की जांच करेंगी। सभी प्रतिष्ठानों पर एफएसएसएआई लाइसेंस, क्यूआर कोड और रेट लिस्ट अनिवार्य होगी। मिलावट मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

24 घंटे खुले रहेंगे पेट्रोल पंप

इसके अलावा जिले के सभी पेट्रोल पंप यात्रा के दौरान 24 घंटे खुले रहेंगे। यहां पानी, शौचालय, हवा और साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

11 जोन में बंटी सुरक्षा व्यवस्था

पूरे जिले को सुरक्षा के लिहाज से 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में बांटा गया है। हर क्षेत्र में मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। पुलिस, PAC,RAF, NDRF, SDRF, जल पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। मेरठ रोड स्थित आधुनिक कंट्रोल रूम सहित कुल सात कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी।

प्रमुख शिवालयों पर विशेष इंतजाम

ऐतिहासिक दूधेश्वरनाथ मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएंगे। पांच प्रमुख मंदिरों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, जो भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

300 कांवड़ शिविर और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था

जिले में करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें 205 से अधिक कांवड़ संघ भाग लेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 26 चिकित्सा शिविर, 24 मोबाइल मेडिकल टीमें, 104 डॉक्टर, 212 पैरामेडिकल कर्मी और 65 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। नौ सरकारी और 20 निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि 250 बेड आरक्षित किए गए हैं। शिविरों में ऑक्सीजन, आवश्यक दवाएं, आईवी फ्लूइड और एंटी स्नेक वेनम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

बिजली और यातायात की भी विशेष तैयारी

बिजली विभाग कांवड़ मार्ग के आसपास करीब 90 हजार बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित बना रहा है। सभी संबंधित विभागों को सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मुरादनगर गंग नहर घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को केवल डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।