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संघ का उद्देश्य संगठित, संस्कारित और सशक्त समाज का निर्माण : रामेश्वर् दास

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संघ का उद्देश्य संगठित, संस्कारित और सशक्त समाज का निर्माण : रामेश्वर् दास

- हिंदू समाज का संगठित करना और व्यक्ति निर्माण करना संघ का कार्य
- तरुण व्यवसायी संघ शिक्षा वर्ग का हुआ समापन
पानीपत। पट्टी कल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र में चल रहे तरुण व्यवसायी संघ शिक्षा वर्ग का सोमवार को समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आर्य शिक्षण संस्थान व युवा उद्योगपति, समाजसेवी निखिल सिंगला, तथा मुख्य वक्ता के तौर पर रामेश्वर दास, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान निखिल सिंगला ने स्पेशल बच्चों के लिए इंस्टीट्यूट खोलने की बात कही व सभी को अच्छा भोजन मिले, ऐसा कार्य करना चाहिए।

मुख्य वक्ता रामेश्वर दास ने शिक्षार्थियों व समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का काम 1925 में शुरू हुआ और आज संघ सौ वर्ष का हो गया है। संघ के संस्थापक डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार बचपन से ही देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी थे। जब संघ शुरू हुआ तो उसकी प्रतिज्ञा में भी भारत को स्वतंत्र कराने की बात जोड़ी गई। बाद में डॉक्टर साहब जेल में भी गए लेकिन देश की उस समय की स्थिति को देखकर उनको लगा कि हिंदू समाज जब तक कमजोर रहेगा तब तक भारत का भला नहीं हो सकता। इसीलिए उन्होंने हिंदू समाज को संगठित करने के लिए संघ का काम शुरू किया। संघ का पहला काम हिंदू समाज का संगठित करने का है।

संघ का दूसरा काम व्यक्ति निर्माण का है। समाज में देशभक्ति, ईमानदारी, अनुशासन और सच्चाई के मूलभूत गुण होने चाहिएं, क्योंकि जैसा समाज होगा वैसा देश होगा। विनोबा भावे जी ने कहा था कि भारत को बनाने से पहले व्यक्ति बनाओ, यही काम संघ कर रहा है। आज सारे देश में पूर्व से लेकर पश्चिम तक, उत्तर से लेकर सुदूर दक्षिण तक हिमालय के विशाल शिखरों से लेकर समुद्र तट की समुद्र तक संघ की 87 हज़ार शाखाएं लग रही हैं, जिसमें लाखों स्वयंसेवक प्रतिदिन आते हैं, और ये स्वयंसेवक समाज जीवन के हर क्षेत्र में व्यवस्था परिवर्तन के लिए अपने-अपने संगठनों के माध्यम से प्रयासरत हैं। यही संघ का कार्य है। आप सब लोगों से निवेदन है कि संघ के नज़दीक आकर देखिए, संघ के कार्य को समझिए और ठीक लगे तो इसमें सहयोग कीजिए।


इस संघ शिक्षण वर्ग के कार्यवाह नरेश ने वर्ग की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि यह वर्ग 1 जून से प्रारंभ होकर 16 जून को समाप्त होगा , प्रदेशभर से कुल 203 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, तथा 26 शिक्षकों ने शिक्षार्थियों को प्रशिक्षित करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की। प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षकों तथा शिक्षार्थियों के रहने, खाने, पीने, इत्यादि के दैनिक नित्य कार्यों की व्यवस्थाओं के लिए 35 प्रबंधकों ने दिन-रात अपना सहयोग किया। वर्ग के सर्वाधिक कृष्ण कुमार जी, वर्ग पालक के रूप में पुरुषोत्तम ने पूरा समय रहकर वर्ग का संचालन किया। इस अवसर जिला संघ चालक अनूप कुमार, विभाग संघचालक सुधीर जी, सह विभाग संघचालक सुशील जी तथा क्षेत्र के हजारों प्रतिष्ठित व्यक्तियों, माता-बहनों व युवाओं ने सहभागिता की