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योगी सरकार ने बदली वृद्धाश्रमों की तस्वीर, बुजुर्गों को मिला सम्मान और रोजगार

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योगी सरकार ने बदली वृद्धाश्रमों की तस्वीर, बुजुर्गों को मिला सम्मान और रोजगार

 औरैया, उत्तर प्रदेश

वृद्धाश्रम में बुजुर्ग लिख रहे आत्मनिर्भरता की नई कहानी, कौशल से बन रहे प्रेरणा का स्रोत

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वृद्धाश्रम अब केवल बेघर और निराश्रित बुजुर्गों के आश्रय स्थल नहीं रह गए हैं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान के केंद्र के रूप में नई पहचान बना रहे हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण औरैया जिले का वृद्धाश्रम है, जहां बुजुर्ग अपने अनुभव, हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, वृद्धाश्रम में गठित आराध्या वृद्ध महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पूजा सामग्री, गुलाब जल और मुंगौड़ी तैयार कर रही हैं। जीवन के उस पड़ाव में, जब अक्सर लोग खुद को समाज से अलग-थलग महसूस करने लगते हैं, वही यह महिलाएं अपने कार्यों के माध्यम से आत्मविश्वास और स्वाभिमान का संदेश दे रही हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद न केवल उनकी आय का साधन बन रहे हैं, बल्कि उन्हें समाज में एक नई पहचान भी दिला रहे हैं।

वहीं, वृद्धाश्रम में गठित वृद्ध पुरुष स्वयं सहायता समूह के सदस्य गोसेवा और ऑर्गेनिक खेती के माध्यम से प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हुए वह पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दे रहे हैं। उनके प्रयास यह सिद्ध कर रहे हैं कि उम्र कभी भी किसी की क्षमता और योगदान की राह में बाधा नहीं बन सकती।

समाज कल्याण विभाग का उद्देश्य बुजुर्गों को केवल संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी क्षमताओं के अनुरूप सक्रिय भूमिका निभा सकें। प्रदेश के 75 जिलों में संचालित वृद्धाश्रमों में 6316 बुजुर्गों को सुरक्षा और सहारा मिल रहा है। यहां उन्हें सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इसके साथ ही योग, भजन-कीर्तन, मनोरंजन और सामूहिक संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से बुजुर्गों को मानसिक रूप से भी सक्रिय रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की इन पहलों से वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जो बुजुर्ग कभी उपेक्षा और असहायता का जीवन जीने को मजबूर थे, वे आज सम्मान और आत्मविश्वास के साथ समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।

योगी सरकार की यह पहल केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के जीवन में आशा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संचार भी कर रही है। औरैया का यह मॉडल इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर बुजुर्ग भी समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साथ ही वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण, समीक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।