• अनुवाद करें: |
मुख्य समाचार

युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, सभी 75 जिलों में बनेंगे कौशल एवं रोजगार जोन

  • Share:

  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल एवं रोजगार जोन स्थापित करने की घोषणा की। सरकार की इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप नौकरी के अवसरों से जोड़ना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इन केंद्रों के माध्यम से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को पंजीकरण, योग्यता के आकलन, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने तक की सुविधाएं एक ही व्यवस्था के अंतर्गत देने की योजना है।

पांच जिलों में शुरुआत, सभी 75 जिलों तक होगा विस्तार

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह पहल फिलहाल गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्ध नगर में शुरू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलीय मुख्यालयों में केंद्र स्थापित करने के लिए धनराशि निर्धारित की जा चुकी है। सरकार इन केंद्रों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जबकि स्थानीय अधिकारी भूमि की व्यवस्था करेंगे। केंद्रों को उद्योगों और अन्य संस्थानों के सहयोग से विकसित किया जाएगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण गौतमबुद्ध नगर में टाटा के सहयोग से एक बड़ा केंद्र स्थापित कर रहा है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी इस पहल में शामिल है। सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से इन केंद्रों का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों तक करने की है।

प्रशिक्षण से नौकरी तक मिलेगी मदद

इन रोजगार जोन में नौकरी तलाशने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और कौशल का आकलन कर उन्हें संबंधित क्षेत्र का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें फैक्टरियों, औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों और अन्य कार्यस्थलों पर रोजगार दिलाने में मदद की जाएगी।

विदेश में नौकरी करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए भी विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है। ऐसे युवाओं को उनके संभावित गंतव्य देशों की जरूरतों के अनुसार भाषा और तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए सरकार उद्योगों और विभिन्न संगठनों की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का लाभ लेने की दिशा में काम कर रही है।

युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की युवा आबादी को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सीधी सरकारी नौकरियां दी हैं।

सरकार की इस पहल से निजी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने, उद्योगों को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध कराने और युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब इस योजना का प्रभाव इसके प्रभावी क्रियान्वयन, उद्योगों की भागीदारी और जिलों में उपलब्ध रोजगार अवसरों पर निर्भर करेगा।