अयोध्या, उत्तर प्रदेश
लखनऊ में बीजेपी की दो दिवसीय
कार्यसमिति का शुभारंभ करने के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का
अगला उत्तर प्रदेश दौरा सात नवंबर को होगा। इस दौरान वह रामनगरी अयोध्या पहुंचकर
दसवें भव्य दीपोत्सव में शामिल होंगे। बीते नौ वर्षों से आयोजित हो रहे दीपोत्सव
में अमित शाह पहली बार हिस्सा लेंगे और सरयू तट स्थित राम की पैड़ी पर होने वाले
भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे।
दीपोत्सव को व्यवस्थित और सुरक्षित
बनाने के लिए राम की पैड़ी पर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। दीप सज्जा के दौरान
किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके
लिए आयोजन से दो दिन पहले पूरे क्षेत्र को सील कर दिया जाएगा। इस दौरान केवल
अधिकृत पास धारकों को ही प्रवेश मिलेगा। दीपोत्सव में करीब 30 हजार स्वयंसेवक और
छह हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षा, जोन और सेक्टर में बंटेगा अयोध्या धाम
बता दें, दीपोत्सव में अमित शाह के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों
के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। अयोध्या धाम को
अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांटा जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए छह
हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। इसके लिए लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जोन से भी पुलिसकर्मियों की मांग की गई है।
सुरक्षा की निगरानी के लिए 25 अपर पुलिस अधीक्षक, 40 पुलिस उपाधीक्षक और 100 से अधिक निरीक्षकों को तैनात करने
की योजना है। इसके अलावा पीएसी और आरएएफ की दस कंपनियों की भी मांग की गई है।
डिजिटल पहचान प्रणाली से होगी प्रवेश की
जांच
इस बार दीपोत्सव में प्रवेश व्यवस्था को
बेहतर बनाने के लिए डिजिटल पहचान प्रणाली लागू की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा
बलों को विशेष पास दिए जाएंगे। वहीं, दीप सज्जा में जुटे स्वयंसेवकों और सुपरवाइजरों को क्यूआर कोड
वाले पास मिलेंगे।
प्रवेश द्वारों पर इन पासों को स्कैन
करके संबंधित व्यक्ति की पहचान सत्यापित की जाएगी। इससे अनधिकृत लोगों के प्रवेश
पर रोक लगाने और आयोजन स्थल पर तैनात कर्मियों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद
मिलेगी।
पहली बार एआई से तैयार हो रहीं आकर्षक
रंगोलियां
इस बार दीपोत्सव की सजावट में परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिल रहा है। धर्मपथ पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आकर्षक और कलात्मक रंगोलियां तैयार की जा रही हैं। इन रंगोलियों में भारतीय संस्कृति और आधुनिक कल्पनाशीलता की झलक दिखाई दे रही है। रंगों और खूबसूरत आकृतियों से सजी ये रंगोलियां श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। दीपोत्सव में पहली बार AI का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे रामनगरी की सजावट को नया आयाम मिल रहा है।



