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सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज मायापुर में हुआ विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन

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मायापुर, हरिद्वार

"हिन्दू-सनातन, विश्व का सबसे प्राचीनतम धर्म है, और संस्कारित हिन्दू परिवार और संगठित हिन्दू समाज ही भारत को 'विश्व गुरु' बनाएगा।" - प्रान्त प्रचार प्रमुख श्रीमान संजय जी

हिन्दू समाज की एकता, जागरण एवं सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने के उद्देश्य के साथ हरिद्वार, सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज मायापुर में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। क्षेत्र की जनता ने बड़ी संख्या में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तराखण्ड के प्रान्त प्रचार प्रमुख श्रीमान संजय जी ने हिन्दू धर्म की प्राचीनता और गौरव का वर्णन करते हुए कहा कि "हिन्दू-सनातन, विश्व का सबसे प्राचीनतम धर्म है और संस्कारित हिन्दू परिवार और संगठित हिन्दू समाज ही भारत को 'विश्व गुरु' बनाएगा।" 

उन्होंने की सबसे प्राचीन सनातन हिन्दू धर्म, परंपराएं हैं। विश्व के अन्य सभी धर्म सनातन से ही निकले हैं। भारत की धरती पर सिख, जैन, बौद्ध सहित सैकड़ों पथ सम्प्रदाय हैं जिनका उद्देश्य विश्व में शांति व सबका कल्याण करना ही है। सनातन धर्म जोड़ने का भाव रखता है। उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच-परिवर्तन के विषयों - पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता और स्वदेशी जीवन शैली पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने नई पीढ़ी में अपनी संस्कृति और राष्ट्र के प्रति गौरव का भाव जागृत कर कहा कि अपनी संस्कृति व परंपराओं से जुड़े, अपने इतिहास को पढ़ें।। माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारियों के महान त्याग, वीर-वीरांगनाओं का शौर्य, बलिदान एवं देश के महापुरुषों, महान विभूतियों, महान चरित्रों का भी अध्ययन करें। राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके द्वारा किए गए महान कार्यों एवं प्रयासों को जानें।।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गरीब दासीय आश्रम के संचालक एवं सुप्रसिद्ध भगवताचार्य स्वामी रविदेव शास्त्री जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से सनातन धर्म की सूक्ष्म व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक जीवन दर्शन है, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण की बात करता है। सम्मेलन को विशिष्ट अतिथि महंत गंगा दास जी ने सम्बोधित किया। इससे पूर्व सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वालित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में पूज्य महंत विष्णुदास जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। साथ ही विद्या भारती उत्तराखण्ड के प्रदेश निरीक्षक डॉ. विजय पाल सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया, सम्मेलन में संयोजक मुकेश गोयल जी, सह-संयोजक मनोज जी, सचिव चंद्रशेखर कर्ण जी, कोषाध्यक्ष राकेश गोयल जी एवं सह-कोषाध्यक्ष करणेश सैनी जी उपस्थित रहे।