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रुद्रप्रयाग की अनीता देवी बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा

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रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड

ग्रामीण क्षेत्रों में आज महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेती और स्वरोजगार के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं। सही मार्गदर्शन, आर्थिक सहयोग और मेहनत से वे आत्मनिर्भर बनकर दूसरों के लिए प्रेरणा बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी रुद्रप्रयाग की अनीता देवी की है। रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि विकासखंड के ग्राम छिनका की रहने वाली अनीता देवी ने एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर खुद को सफल महिला किसान के रूप में स्थापित किया है। ग्रामोत्थान परियोजना के तहत शिवशक्ति स्वयात्त सहकारिता महड़ के सदस्यों ने उन्हें व्यक्तिगत उद्यमी के रूप में चुना। परियोजना के अंतर्गत अनीता देवी को 75 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई। इसके अलावा 1 लाख 50 हजार रुपये का बैंक ऋण भी दिलाया गया और 75 हजार रुपये उन्होंने स्वयं निवेश किए। इस तरह कुल 3 लाख रुपये की लागत से उन्होंने अपना कृषि उद्यम शुरू किया।

आज अनीता देवी 65 बकरियों, 12 मुर्गियों, 2 भैंसों और 1 पॉलीहाउस का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। वे दूध, अंडे और सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेचकर वे नियमित आय कमा रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में सुधार आया है। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक खेती, पशुपालन और स्वरोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। ग्रामोत्थान परियोजना का उद्देश्य गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। अनीता देवी की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि सही दिशा और सहयोग मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान बना सकती हैं।