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अयोध्या दीपोत्सव: एक लाख से अधिक दीयों से जगमगाएगा राम मंदिर परिसर

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अयोध्या, उत्तर प्रदेश

अयोध्या में दीपोत्सव के दसवें वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं।  भगवान श्रीराम की नगरी को दीपों से सजाने की योजना है। इस बार श्रीराम मंदिर और पूरे रामजन्मभूमि परिसर में एक लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। यह आयोजन अयोध्या की धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने वाले दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एक लाख से अधिक दीये जलाने की जिम्मेदारी एक हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। पूरे परिसर को पांच जोन में बांटकर प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। ट्रस्ट की बैठक में दीपोत्सव की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, सचिव जगदीश आफले और जगन्नाथ गुलवे सहित प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। राम मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। अगले पांच दिनों में परिसर के बाकी हिस्सों की सजावट और दीप जलाने की तैयारियां पूरी करने की योजना है।

जोन-1: इस जोन में मंदिर प्रांगण, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला क्षेत्र शामिल हैं। यहां आचार्य केशव के नेतृत्व में 30 हजार से अधिक दीये जलाए जाएंगे।

जोन-2: कुबेर टीला, सप्तमंडपम, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक और पंचवटी सहित अन्य स्थानों पर 30 हजार से अधिक दीये जलाने की तैयारी है। इसकी जिम्मेदारी चंदन क्षितिज और उनकी टीम को दी गई है।

जोन-3: वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा और नल टीला में पीपी मिश्र के नेतृत्व में 14 हजार से अधिक दीये जलाए जाएंगे।

जोन-4: यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार सहित अन्य स्थानों पर 13 हजार से अधिक दीये जलाने की योजना है। इसकी जिम्मेदारी सेवानिवृत्त कैप्टन जेपी द्विवेदी और उनकी टीम संभालेंगे।

जोन-5: रामजन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका क्षेत्र में नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 हजार दीये जलाए जाएंगे।

राम मंदिर परिसर में लाखों की आस्था से जुड़े इस आयोजन का उद्देश्य केवल दीप जलाना ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को भी भव्य रूप में प्रस्तुत करना है। दीपों की रोशनी से सजी रामनगरी देश-विदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी और अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।