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भागीरथी ऐप: जल संरक्षण के लिए एक नई पहल

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भागीरथी ऐप: जल संरक्षण के लिए एक नई पहल


भागीरथी जो पृथ्वी पर माँ गंगा को लेकर आए थे, आज उसी गंगा के पानी को बचाने और उसके संरक्षण के लिए उत्तराखंड सरकार ने ‘भागीरथी’ नामक एक विशेष एप्लिकेशन लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र में जल संकट की जानकारी सरकार को प्रदान कर सकेंगे, जिससे जल संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।


देवभूमि उत्तराखंड में जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा जल संरक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आईआईटी रुड़की और एमआईटी के सहयोग से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे जल के संरक्षण के लिए ठोस उपाय किए जा सकें।


भागीरथी ऐप का लॉन्च और उद्देश्य

जल संरक्षण 2025 की शुरुआत के अवसर पर भागीरथी मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया गया है। इस ऐप का उद्देश्य यह है कि उत्तराखंड के निवासी अपने क्षेत्र के सूखते जल स्रोतों की जानकारी सरकार को दें। इस जानकारी के आधार पर सरकार उन जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए कार्य करेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने बात करते हुए कहा, "जल ही जीवन है, और इसके संरक्षण के बिना भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती।" राज्य सरकार ने परंपरागत जल स्रोतों, धाराओं और नौलों के संरक्षण के लिए ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिवाइव अथॉरिटी’ (SARRA) का गठन किया है। SARRA ने पिछले वर्ष लगभग 6,500 जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाए थे और 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल को संरक्षित करने में सफलता प्राप्त की थी।


भागीरथी ऐप की विशेषताएं और कार्यप्रणाली:

इस ऐप के माध्यम से नागरिक अपने क्षेत्र के जल संकटग्रस्त, सूखते या क्रिटिकल जल स्रोतों की जानकारी साझा कर सकते हैं।

सरकार को मिली जानकारी के आधार पर संबंधित जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए तेज़ी से कदम उठाए जाएंगे।

यह ऐप जनता को सीधे इस अभियान से जोड़ने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने का बेहतरीन माध्यम है।

भागीरथी ऐप के जरिए जल संकट वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर समय रहते सुधारात्मक उपाय किए जाएंगे।


उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कहा  गया है कि जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाएं ताकि उत्तराखंड की नदियों, नौलों और धाराओं को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए केंद्रीय भू-जल बोर्ड के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं और इसमें सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।